किसानाें की कर्जमाफी के होते रहे झूठे दावे
0 कुुल 80768 में से पहले चरण में ही नौ हजार से अधिक हो चुके हैं बाहर
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। ऋण मोचन प्रमाण पत्र वितरण समारोह के मंच से किसानों की कर्जमाफी को लेकर झूठे दावे होते रहे। मंत्री और अफसर लगातार दावा करते रहे कि जिले के 80768 किसानों का कर्ज माफ होगा। जबकि, पहले चरण में ही नौ हजार से अधिक किसान इस योजना से बाहर हो चुके हैं। अन्य चरणों की सूची में शामिल किसानों की पत्रावलियों की जांच में तो अपात्रों की बड़ी संख्या बताई जा रही है। अफसरों का ही मानना है कि सूची में शामिल 50 फीसदी से अधिक किसान इस योजना से बाहर हो जाएंगे।
जिला कमेटी की ओर से ऋण मोचन योजना के 80 हजार से अधिक लाभार्थियों की सूची तैयार की गई। इनके कर्ज तीन चरण में माफ होने हैं। पहले चरण में बिना किसी विवाद वाले आधार कार्ड से लिंक कर्ज को माफ किया गया। इसमें जिले में 30 हजार से अधिक किसान शामिल थे लेकिन सत्यापन के बाद नौ हजार से अधिक किसान अपात्र हो गए। इनके अलावा तकरीबन आठ हजार किसान संदेह के घेरे में आ गए हैं। ऐसे में पहले चरण में मात्र 13156 किसानों को ही कर्जमाफी के लिए पात्र पाया गया। गौर करने वाली बात यह है कि अगले दो चरण में शेष तकरीबन 50 हजार किसानों का कर्ज माफ होना है लेकिन इनमें से ज्यादातर के डॉक्यमेंट पूरे नहीं हैं या विवाद है। ऐसे में जांच के बाद बड़ी संख्या में किसानों के अपात्र होने की बात कही जा रही है। यानी, 80768 में से बड़ी संख्या में किसान इस योजना से बाहर हो जाएंगे।
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2022 तक किसानों की कमाई दोगुना करने का है लक्ष्य
इलाहाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की पूर्ति के कई योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कहा कि गेहूं की इस बार रिकार्ड खरीद गई। धान की खरीद भी उसी तर्ज पर की जाएगी। किसानों को धान के समर्थन मूल्य के अलावा प्रति क्ंिवटल 15 रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों को सब्सिडी पर 22 हजार सोलर पंप दिए जाएंगे। इनमें से 10 हजार सोलर पंप बांटे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए सब्सिडी वाली कई योजनाएं भी शुरू की जाएंगी। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि इलाहाबाद में केले की खेती को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसी तरह जिलाें की खासियत को देखते हुए खेती की योजना बनाई गई है। प्रदेश में 97 हजार वर्मी पिट बनाने का लक्ष्य रखा गया है। कृषि मंत्री कई अन्य योजनाओं के बारे में भी विस्तार से बताया।