हादसों को कम करने और यातायात को सुगम बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग सड़क सुरक्षा के उपाय करने जा रहा है। इसके लिए जिले में सड़क सुरक्षा संबंधी 15 नई परियोजनाओं के प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं। इन कार्यों पर कुल 3.56 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मंजूरी और बजट मिलने के बाद करीब 146 किलोमीटर सड़कों पर सुधार किया जाएगा।
ये परियोजनाएं कार्य योजना 2026-27 का हिस्सा हैं।
स्वीकृत परियोजनाओं में इलाहाबाद उत्तरी, बारा, फाफामऊ, फूलपुर और प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। कई कार्य जीरो फेटलिटी डिस्ट्रिक्ट कार्यक्रम के तहत होंगे। यह सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को पूरी तरह रोकने या न्यूनतम करने की डाटा संचालित महत्वपूर्ण पहल है। कुछ परियोजनाओं में चौराहों, टी-जंक्शनों और वाई-जंक्शनों का सुधार किया जाएगा। फाफामऊ में राष्ट्रीय राजमार्ग 24 बी पर बाईपास का काम भी प्रस्तावित है। प्रतापपुर में वरुणा से जंघई होते हुए दुर्रागंज बॉर्डर तक मार्ग का सुधार भी शामिल है।
प्रमुख परियोजनाएं
इलाहाबाद उत्तर क्षेत्र में शास्त्री ब्रिज के लिए 40 लाख रुपये, फाफामऊ में राष्ट्रीय राजमार्ग 24 बी बाईपास के लिए 20.11 लाख रुपये प्रस्तावित हैं। प्रतापपुर में वरुणा से जंघई होते हुए दुर्रागंज बॉर्डर तक मार्ग सुधार पर 43.50 लाख रुपये खर्च होंगे। फूलपुर में प्रयागराज-गोरखपुर मार्ग पर जंक्शन सुधार के लिए 26 लाख रुपये का प्रस्ताव है। विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी, वाचस्पति, गुरुप्रसाद मौर्य और दीपक पटेल ने अपने क्षेत्रों के लिए प्रस्ताव दिए हैं। सांसद विनोद कुमार बिंद ने प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य प्रस्तावित किए हैं।
स्पीड टेबल के साथ कई अन्य सुधार
वाहनों की रफ्तार को नियंत्रित करने के लिए स्पीड टेबल, रैपिड बॉक्स (लोहे के ब्रेकर) और साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। ये सभी कार्य सेव लाइव फाउंडेशन की ओर से किए गए निरीक्षण के बाद प्रस्तावित किए गए हैं। संस्था ने इन सभी स्थानों पर दुर्घटना की आशंका जताई है।
शांतिपुरम गेट पर तैयार हो रहा रैपिड बॉक्स
हाईवे पर तेज दौड़ते वाहनों की रफ्तार को शहर में प्रवेश करते ही नियंत्रित करने के लिए रैपिड बॉक्स को विशेष वरीयता दी गई है। इसी कड़ी में शांतिपुरम के गेट पर रैपिड बॉक्स का निर्माण किया जा रहा है।
सड़क सुरक्षा संबंधी सुधार के लिए प्रशासन की तरफ से मिले निर्देश के बाद प्रस्ताव तैयार किया गया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद दुर्घटना बहुल मार्गों की मरम्मत की जाएगी।
- नवीन कुमार, अधिशासी अभियंता, खंड तीन, पीडब्ल्यूडी