इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में वॉश आउट की कार्रवाई शनिवार को शुरू हो गई। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बिना किसी बवाल हंगामे के पहले दिन केपीयूसी, महिला कॉलेज परिसर स्थित कल्पना चावला छात्रावास एवं एएन झा हॉस्टल में 282 कमरे खाली कराए गए। सुबह दस बजे शुरू हुई कार्रवाई दिन में तीन बजे तक चली। हालांकि इन हॉस्टलों में ज्यादातर अंत:वासी शुक्रवार रात ही सामान समेट कर चले गए। कल्पना चावला हॉस्टल में प्रायोगिक परीक्षा के कारण एक छात्रा और एएन झा में पांच शोध छात्रों को राहत दी गई। छात्रा ने इविवि ग्रिवांस कमेटी को इसकी सूचना भी दे दी थी।
डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर आरकेपी सिंह, प्रॉक्टर प्रो राम सेवक दुबे, सुरक्षा अधिकारी अजय सिंह, डॉ अविनाश कुमार श्रीवास्तव, डॉ उत्तम सिंह, डॉ केएन उत्तम, डॉ आरके आनंद के नेतृत्व में आरएएफ, पुलिस, महिला पुलिस, एसीएम प्रथम एसके मिश्र, सीओ कर्नलगंज आलोक मिश्र के साथ सुबह दस बजे केपीयूपी हॉस्टल से कार्रवाई शुरू हुई। यहां कुल 84 कमरे 176 छात्रों को आंवटित थे। अफसरों के पहुंचने पर सभी कमरे खाली मिले। इसके बाद कमरों की जांच कर विवि प्रशासन ने अपने ताले लगाए। इसके बाद अफसर कल्पना चावला हॉस्टल पहुंचे। यहां सभी 62 कमरे दो बेड वाले हैं, जिनमें 124 छात्राएं रह रही थीं। अफसरों के पहुंचे पर दो कमरे छोड़कर शेष खाली मिले। एक छात्रा की प्रायोगिक परीक्षा के कारण उसे 25 मई तक हॉस्टल में रहने की अनुमति मिली है, जबकि एक अन्य कमरे में रह रही दो छात्राओं से खाली कराया गया। पूरा सामान बाहर निकालने के बाद विवि प्रशासन ने एक को छोड़कर सभी कमरों में अपने ताले लगाए।
इसके बाद एएन झा हॉस्टल में कार्रवाई हुई। यहां 136 कमरों में 166 अंत:वासी रह रहे थे। बीती रात इनमें से 131 कमरे खाली हो गए, जबकि पांच कमरों में शोध रह रहे हैं। अफसरों ने हॉस्टल के हर कमरे की जांच की। कमरा नंबर 49 का दरवाजा, आलमारी टूटी मिली। एनए झा एनेक्सी के तीन कमरों में अंत:वासियों का पूरा सामान रखा मिला। एक कमरे में सामान के साथ धुले हुए कपड़े भी टंगे मिले। अफसरों ने सामान बाहर निकालकर तीनों कमरे सील कर दिए।
कल्पना चावला हॉस्टल में अफसर कार्रवाई करने पहुंचे तो कुछ वहां मौजूद थीं। एक छात्रा कमरे से जल्दी-जल्दी अपना सामान बाहर निकला रही थी। कमरा खाली करने के बाद छात्रा इतनी भावुक हो गई कि उसकी आंख से आंसू निकलने लगे। वहां मौजूद अन्य छात्राओं ने उसे संभाला।
विवि प्रशासन के अफसर जिला प्रशासन के साथ केपीयूसी हॉस्टल पहुंचे तो यहां सभी कमरे खाली थे। प्रॉक्टर प्रो दुबे विवि में छात्र रहते इसी हॉस्टल के अंत:वासी थे सो कमरे खाली करने के साथ अंत-वासियों ने वहां उनके स्वागत के लिए स्लोगन भी लिखा। हॉस्टल की दीवार पर लगाए गए पोस्टर में अंत:वासियों ने लिखा, प्रो दुबे का हॉस्टल में स्वागत है।
एएन झा हॉस्टल में कार्रवाई के दौरान वहां के अधीक्षक प्रो सुनित द्विवेदी एवं वार्डेन प्रो जेएन त्रिपाठी गायब रहे। हॉस्टल में कमरे खाली कराने के दौरान अधीक्षक और वार्डेन के मौजूद न होने पर अफसरों ने आपत्ति भी की। कार्रवाई के दौरान उनके गायब होने को लेकर तरह-तरह की अटकलें में लगाई गई। अफसरों ने वहां मौजूद कर्मचारियों से अधीक्षक और वार्डेन के बारे में पूछा तो पता चला कि दोनों शहर के बाहर हैं।
विवि प्रशासन ने केपीयूसी, कल्पना चावला एवं एएन झा हॉस्टल को समर हॉस्टल बनाया है। ट्रस्ट के हॉस्टलों में रहने वाले अंत:वासियों को केपीयूसी में, महिला छात्रावास परिसर में रहने वाली छात्राओं को कल्पना चावला में तथा शोध एवं अन्य अंत:वासियों को एएन झा में कमरे आवंटित किए जाएंगे। केपीयूसी में 13 कमरे आवंटित भी कर दिए गए। कल्पना चावला में 90 छात्राओं ने समर हॉस्टल के आवेदन किया है, जिसमें से 60 को कमरे आवंटित कर दिए गए, जबकि शेष के लिए सत्यापन हो रहा है। यहां विकलांग, पांच दिव्यांग एवं पंत हॉस्टल की नौ अंत:वासियों को भी कमरे आवंटित किए गए। एएन झा में 59 अंत:वासियों समेत 13 विकलांग छात्रों को कमरे आवंटित किए गए, जबकि छह का सत्यापन हो रहा है।
इविवि के हॉस्टलों में वॉश आउट की कार्रवाई 27 मई तक होनी है। रविवार को हिंदू हॉस्टल एवं मुस्लिम हॉस्टल में कमरों को खाली कराने की तैयारी है। हिंदू हॉस्टल में कुल 368 अंत-वासियों में से 19 मई तक 34 ने कमरे खाली कर दिए जबकि मुस्लिम हॉस्टल में 219 में से 70 अंत:वासी पहले ही कमरे खाली कर चुके हैं।
इविवि के नियम के तहत जिन छात्रों को हॉस्टल में कमरे आवंटित होते हैं, परीक्षा खत्म होने के 72 घंटे यानी तीन दिन के भीतर उन्हें कमरे खाली कर देने चाहिए लेकिन ऐसा नहीं होता। ज्यादातर हॉस्टलों में अंत:वासी बरसों से जमे हुए हैं। कई तो ऐसे भी हैं जो सरकारी, गैर सरकारी संस्थानों में नौकरी कर रहे हैं या हॉस्टल में रह कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।