आंखों में कुछ करने की चमक, तन पर खाकी वर्दी और देश सेवा के जज्बे के साथ 248 महिला प्रशिक्षु आरपीएफ ट्रेनिंग सेंटर ग्राउंड में सोमवार को उतरीं तो उनका कौशल देख अफसर भी तालियां बजाने से खुद को रोक नहीं सके। दीक्षांत परेड के उपरांत इन सभी को कांस्टेबल का दर्जा मिला। इसके बाद इन सभी ने अपने नियुक्ति स्थल पर रवाना होने की तैयारी शुरू कर दी।
सूबेदारगंज स्थित आरपीएफ ट्रेनिंग सेंटर एडीजी आरपीएफ डा. अनूप श्रीवास्तव की मौजूदगी में 248 महिला प्रशिक्षुओं ने पासिंग परेड में शिरकत की। एडीजी ने इस दौरान परेड का निरीक्षण करने के बाद सलामी भी ली। यहां सभी प्रशिक्षुओं को शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर एडीजी ने सभी प्रशिक्षुओं को बधाई दी।
कहा कि इन महिला प्रशिक्षुओं के रेल सेवा मे जुड़्ने से महिला सुरक्षा को बल मिलेगा और हमारी महिला यात्रियों को अधिक सुरक्षित यात्रा वातावरण मिल सकेगा। एडीजी ने सभी प्रशिक्षुओं को उनके अग्रिम सेवा काल के लिए शुभकामनाएं दी और उनको निष्ठापूर्वक अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए प्रेरित किया। दीक्षांत कार्यक्रम में एनसीआर के पीसीएससी रवींद्र वर्मा, डीआरएम मोहित चंद्रा, ट्रेनिंग सेंटर के प्राचार्य संजय पीसे, बीपी सिंह आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सुरुचि शर्मा एवं अनिल दुबे ने किया।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रशिक्षु हुई सम्मानित
परेड की कमांडर प्रशिक्षु नीता ओला और उनके नेतृत्व में प्रशिक्षुओं की आठ प्लांटूनो में कमांडर मोहिनी यादव, सोनिया, खुशबू, सुमन कुंतल, के निर्मला, मधु कुमार, सीमा बंदेवार और चिनू नागर ने अपने-अपने प्लाटून की कमांड संभाली। इस अवसर पर एडीजी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रशिक्षु निर्मला, संगीता नटवरिया, प्रियंका राणा और अनीता ओला को सम्मानित किया।
एक वर्ष के परिश्रम के बाद अब होगी तैनाती
पिछले वर्ष दिसंबर माह में ही ट्रेनिंग सेंटर में तमाम राज्यों की महिला प्रशिक्षु का प्रशिक्षण शुरू हुआ। यह अगस्त में समाप्त हो जाना था, लेकिन कोविड की वजह से प्रशिक्षण दीक्षांत परेड के उपरांत संपन्न हुआ। इस अवसर पर उत्तर मध्य रेलवे की 19, मध्य रेलवे की 59, उत्तर रेलवे की 97, पूर्वोत्तर रेलवे की 02, उत्तर पश्चिम रेलवे की 22, पश्चिम रेलवे की 47 और पश्चिम मध्य रेलवे की 03 महिला आरक्षी प्रशिक्षुऔपचारिक रूप से रेलवे सुरक्षा बल का अंग बनी।
परेड के दौरान गश खाकर गिरी 11 प्रशिक्षु
परेड के दौरान आरपीएफ की 11 प्रशिक्षु गश खाकर गिर पड़ी। इस दौरान वहां मौजूद आरपीएफ कर्मी उन सभी प्रशिक्षुओं को वहां से उठाकर ले गए। बताया जा रहा है कि कुछ प्रशिक्षु सुबह बिना नाशत किए परेड में शामिल होने के लिए आ गईं। भूखे रहने की वजह से तेज धूप में उन्हें चक्कर आ गया।