सिविल लाइंस में मीट कारोबारी के मुंशी से 9.50 लाख रुपये की लूट करने वाले बदमाश पैसन बाइक पर सवार होकर आए थे। सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को इसके साथ ही कई अहम जानकारियां मिली हैं। लेकिन बदमाश 24 घंटे बीतने के बाद भी नहीं पकड़े जा सके हैं।
एक दिन पहले सिविल लाइंस में दिनदहाड़े हुई इस वारदात से शहर में हड़कंप मच गया था। यहां मीट एजेंसी कर्मचारी अटाला निवासी शाहिद से 9.50 लाख रुपये लूटकर बदमाश भाग निकले थे। उसकी आंखों में मिर्च पाउडर झोंककर रुपयों भरा बैग लूट लिया था। एजेंसी मालिक जमीर की तहरीर पर अज्ञात में मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच में जुटी। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देर रात तक खंगाली गई। शनिवार सुबह से भी पुलिस जांच पड़ताल में जुटी रही। सूत्रों की मानें तो इस दौरान कई अहम जानकारियां हाथ लगी हैं। पता चला है कि बदमाश काली रंग की पैसन बाइक पर सवार होकरआए थे।
वह बैंक से निकलते ही भुक्तभोगी मुंशी के पीछे लग गए थे। अब तक कि जांच में यह पता चला है कि बदमाश सुभाष चौराहे से होते हुए मुंशी के पीछे-पीछे आए। सुभाष चौराह क्रॉस करने के बाद वह मुंशी से आगे निकलकर चौराहे पर आ गए। इस दौरान पीछे बैठा बदमाश बाइक से उतर गया जबकि बाइक चला रहा उसका साथी गाड़ी लेकर चौराहे से पानी की टंकी की ओर जाने वाले रास्ते पर खड़ा हो गया। उधर तब तक दूसरा बदमाश चौराहे से फायरब्रिगेड की ओर जाने वाले रास्ते पर किनारे खड़ा हो गया। उधर जैसे ही एजेंसी कर्मचारी बाइक लेकर उस रास्ते पर मुड़ा, बदमाश ने उसकी आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया। मिर्च लगते ही मुंशी ने बाइक रोकी और इसी दौरान मौका पाकर बदमाश हैंडल में टंगा रुपयों भरा बैग लेकर भाग निकला। सिविल लाइंस पुलिस का कहना है कि जांच पड़ताल की जा रही है।
खदेड़ा भी था, पर नहीं पकड़ में आया बदमाश
सीसीटीवी फुटेज से यह भी पता चला है कि भुक्तभोगी मुंशी ने घटना के बाद रुपयों भरा बैग लेकर भाग रहे बदमाश को खदेड़ा भी था। हालांकि वह उसे पकड़ पाता, इससे पहले ही बदमाश आगे बाइक लेकर चल रहे अपने साथी संग भाग निकला। एक और अहम बात यह है कि बाइक चला रहे बदमाश ने जहां हेलमेट पहन रखा था, वहीं बैग लूटकर भागने वाले बदमाश का चेहरा खुला हुआ था। बाइक चला रहे बदमाश ने काली जैकेट भी पहन रखी थी। हालांकि बैंक के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखने से यह भी जानकारी मिली है कि वहां पर बाइक चला रहे बदमाश ने जैकेट नहीं पहन रखी थी।
बाइक चला रहा बदमाश हो सकता है स्थानीय
सूत्रों की मानें तो अब तक जो बातें सामने आई हैं, उससे इस बात की पूरी आशंका है कि बाइक चला रहा बदमाश स्थानीय रहा हो। इसलिए क्योंकि उसने हेलमेट लगा रखा था जबकि बैग लूटकर भागने वाले उसके साथी का चेहरा ख्ुाला था। इसका मतलब यह लगाया जा रहा है कि बाइक चला रहे बदमाश को खुद को पहचाने जाने का डर था जबकि उसके साथी को ऐसा कोई खतरा नहीं था। इसीलिए उसने अपना चेहरा ढकने की जरूरत नहीं समझी।