शिक्षक की नौकरी के लिए 22 लोगों ने ठगों को दे दिए 33 लाख
प्रीतम नगर के रहने वाले एक भुक्तभोगी की तहरीर पर पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा
एजूकेशनल सोसायटी के जरिए नौकरी देने का दिया गया था झांसा, जांच में जुटी पुलिस
नैनी। एफसीआई से लेकर शिक्षण कार्य की नौकरी दिलाने के बहाने कुछ लोगों ने एक फर्जी संस्था खोलकर कुल 22 लोगों से तकरीबन 33 लाख रुपए ले लिए। तीन महीने तक 20 लोगों से बकायदा काम भी कराया गया। उसके बाद शिक्षण संस्थान भी बंद हो गया और आवेदनकर्ताओं के पैसे भी डूब गए। तीन महीने का न तो मेहनताना मिला और न ही जो पैसे नौकरी के लिए दिए थे वहीं वापस हो रहे है। ठगी के इस कारोबार से जुड़ी संस्था समेत पांच लोगों के खिलाफ सात जुलाई को नामजद मुकदमा नैनी कोतवाली में दर्ज कराया गया।
धूमनगंज थाना क्षेत्र के प्रीतम नगर मोहल्ला निवासी ब्रह्मदत्त शुक्ला के मुताबिक 20 नवंबर 2014 से 20 मार्च 2015 तक के बीच में अजय प्रताप सिंह आदि की टीम ने कांशीराम एजूकेशनल ट्रस्ट शाखा इलाहाबाद की ओर से एक कक्षीय विद्यालय के संचालन शुरू किया था। जिसमें शिक्षकों की नियुक्ति संविदास्तर पर की थी। हर कर्मचारी से सिक्योरिटी के रूप में 20 हजार जमा कराया गया। बाद में सेवा कार्य के बदले में 50 हजार रुपए प्रत्येक कर्मचारी से लिया गया। इस तरह से कुल 20 कर्मचारियों से 14 लाख रुपए ले लिए गए। कर्मचारियों ने तीन महीने तक कार्य किया लेकिन उन्हें वेतन नहीं मिला। उसके बाद संस्था बंद हो गई। उसके बाद सभी लोग फरार हो गए।
आरोप है कि नीरज कुमार शुक्ला निवासी प्रीतम नगर, मो. अयाज निवासी करेली से एफसीआई में नौकरी दिलाने के नाम पर क्रमश: दस और नौ लाख रुपए वसूले गए। इस तरह से उक्त लोगों ने कुल 33 लाख रुपए ले लिए हैं और अब पैसे वापस नहीं कर रहे हैं। पैसों का सारा लेन देन नैनी इलाके मेें हुआ है। ब्रह्मदत्त शुक्ला के मुताबिक आज उक्त लोग पैसे नहीं दे रहे हैं। हताश होकर उसने एसपी यमुनापार से गुहार लगाई। एसपी यमुनापार के निर्देश पर रविवार को नैनी कोतवाली में अजय प्रताप सिंह निवासी कौंदी, छापर इटवा कला, खीरी, महेंद्र कुमार पांडेय निवासी नैनी आवास योजना, नैनी, कांशीराम ट्रस्ट शाखा इलाहाबाद के संचालक, नाम पता अज्ञात, महेंद्र कुमार पांडेय व शानू पांडेय के खिलाफ धोखाधड़ी में विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।