पुलिस सूत्रों का कहना है कि इनमें से ज्यादातर ऐसे हैं जिनका नाम पिछले कई सालों से आपराधिक वारदातों में नहीं आया। लेकिन पर्दे के पीछे रहकर वह माफिया के लिए गोरखधंधा संचालित करते आ रहे हैं। मसलन अवैध प्लाटिंग, रंगदारी, जमीन कब्जाने जैसे काम वह माफिया के लिए करते रहे। ऐसे लोगों के खिलाफ अब कार्रवाई की जाएगी। एक अफसर ने बताया कि चिह्नित गुर्गों की मौजूदा गतिविधियों से लेकर उनके कारोबार व आर्थिंक साम्राज्य की भी जानकारी जुटाई जा रही है। पता लगाया जा रहा है कि पिछले कुछ सालों में उनकी आय का क्या स्रोत रहा और जो संपत्तियां उन्होंने बनाई, उनके लिए धन कहां से आया।
prayagraj news : माफिया दिलीप मिश्र।
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