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एक्सिस बैंक बोर्ड आफ डायरेक्टर ने इलाहाबाद में सिविल लाइंस शाखा से तीन साल के दौरान गबन हुए 22.39 करोड़ रुपये की वसूली के आदेश कर दिए हैं। जिसे वसूलने के लिए बैंक प्रबंधन ने जिम्मेदारी तय करने को कमेटी बना दी है जो कि प्रबंधक सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के साथ-साथ वसूली करेगी। दूसरी ओर इंस्पेक्टर सिविल लाइंस ने बताया कि वह सोमवार को बैंक से विस्तृत ब्योरा लेंगे, जिसके आधार पर जांच शुरू की जा सके।
मुंबई में बैंक के बोर्ड आफ डायरेक्टर को इलाहाबाद के थाना सिविल लाइंस में रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी दी गई। उसी के बाद 22.39 करोड़ रुपये के गबन के जिम्मेदार अधिकारियों के नाम तय करने के लिए कमेटी बनाई गई। जिसने इलाहाबाद स्थित शाखा से 2013 से लेकर 2016 तक शिक्षण संस्था के खाते से नियमों विरुद्ध चेक से हुई निकासी की डिटेल मांग ली है।
सीबीेएस सिस्टम की डिटेल जानकारी के लिए एक्सपर्ट टीम जल्द ही इलाहाबाद आएगी। यह टीम कंप्यूटर सिस्टम और साफ्टवेयर की डिटेल लेगी। बैक का पूरा सिस्टम सीबीएस होने के कारण यह प्रकरण साइबर क्राइम सैल में जा सकता है। इसीलिए इस बिंदु पर बैंक ठोस सबूत जुटा रहा है।
इस प्रकरण में इंटरनल आडिट करने वाली टीम से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। हाईपावर कमेटी ने पूछा है कि तीन बार आडिट के समय क्या यह गड़बड़ी उन्हें नहीं मिली। जो कि किसी अज्ञात नाम से की गई शिकायत की जांच के दौैरान सामने आईं हैं। इस स्पष्टीकरण के बाद इंटरनल आडिटरों की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में आ गई है।
‘इस प्रकरण को बैंक प्रबंधन ने गंभीरता से लिया है। किसी भी तरह पर कमी नहीं होगी। जांच में पुलिस को पूरा सहयोग देंगे। इस राशि को वसूुलने के लिए प्रबंधन की ओर से जिम्मेदारी तय की जा रही है।’ परमिंदर पनीसर, कारपोरेट कम्युनिकेशन, आफीसर मुंबई