वरिष्ठ अफसरों के निर्देशन में काम करते हुए यह अफसर जो कुछ भी सीखेंगे और अनुभव करेंगे, वह उनमें नेतृत्व, प्रशासकीय क्षमता के विकास में भी मददगार साबित होगा। पुलिस अफसरों का कहना है कि यह अफसर फिलहाल फरवरी में यहां आएंगे। इस दौरान एक शाही स्नान के साथ ही अन्य तीन अन्य स्नान पर्वों पर तैनात रहकर वह पुलिसिंग के अलग-अलग आयामों से परिचित होंगे।
महाकुंभ देश भर के प्रशिक्षु आईपीएस अफसरों की पाठशाला भी बनेगा। यहां कुल 218 प्रशिक्षु आईपीएस पुलिसिंग के गुर सीखेंगे। इन्हें मेले में पुलिस की अलग-अलग शाखाओं में तैनाती दी जाएगी।
विज्ञापन
यह जानकारी एडीजी कानून व्यवस्था व एसटीएफ अमिताभ यश ने दी। उन्हाेंने बताया कि महाकुंभ सबसे बड़ा धार्मिक समागम होने के साथ पुलिसिंग के लिहाज से सीखने का भी बेहतरीन अवसर है।
इसी को देखते हुए बड़ी संख्या में प्रशिक्षु आईपीएस अफसरों को तैनात करने का निर्णय लिया गया है। वह महाकुंभ आयोजन में सहभागिता तो निभाएंगे ही, पुलिसिंग के विभिन्न आयामों को भी सीखेंगे। इसमें भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, यातायात समेत अन्य बिंदु शामिल होंगे। कुल 218 प्रशिक्षु आईपीएस यहां आएंगे, जिन्हें अलग-अलग व्यवस्था में तैनात किया जाएगा।
विज्ञापन
वरिष्ठ अफसरों के निर्देशन में काम करते हुए यह अफसर जो कुछ भी सीखेंगे और अनुभव करेंगे, वह उनमें नेतृत्व, प्रशासकीय क्षमता के विकास में भी मददगार साबित होगा। पुलिस अफसरों का कहना है कि यह अफसर फिलहाल फरवरी में यहां आएंगे। इस दौरान एक शाही स्नान के साथ ही अन्य तीन अन्य स्नान पर्वों पर तैनात रहकर वह पुलिसिंग के अलग-अलग आयामों से परिचित होंगे।
कई राज्यों के प्रशिक्षु अफसरों ने ली थी ट्रेनिंग
महाकुंभ, अर्द्धकुंभ और माघ मेला जैसे आयोजनों में पहले भी प्रशिक्षु आईपीएस व आईएएस के साथ ही पीपीएस अफसरों की तैनाती व प्रशिक्षण होते रहे हैं। पिछले साल माघ मेले में भी मप्र, झारखंड, बिहार, हरियाणा समेत अन्य राज्यों के अफसरों ने शहर आकर आयोजन को बेहद करीब से देखा था। मेला क्षेत्र में प्रवास कर भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा समेत अन्य बिंदुओं पर अनुभव प्राप्त किया था।