प्रदेश भर के वकीलों ने उठाई अधिवक्ता सुरक्षा बिल की मांग
0 हाईकोर्ट में आयोजित महापंचायत में शामिल हुए तमाम जिलों के अधिवक्ता प्रतिनिधि
प्रयागराज। अधिवक्ताओं के साथ लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं से सुरक्षा के लिए प्रदेश भर के वकीलों ने अधिवक्ता सुरक्षा बिल लाने की मांग की है। इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सभागार में शनिवार को आयोजित महापंचायत में एक स्वर से इसकी मांग की गई। वक्ताओं ने अधिवक्ताओं को होने वाली परेशानियों और बेंच-बार रिश्तों पर खुलकर अपनी राय रखी। वकीलों की सुरक्षा को लेकर सरकारी तंत्र की उदासीनता की भी शिकायत सामने आई। महापंचायत में उच्च न्यायालय और अधीनस्थ न्यायालय में मूलभूत सुविधाओं सहित वकीलों, वादकारियों के लिए जरूरी कदम उठाने की भी मांग की गई।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन एल्डर कमेटी के चेयरमैन पूर्व महाधिवक्ता वीसी मिश्र ने आए दिन वकीलों पर हो रहे आपराधिक हमलों और पुलिस द्वारा वकीलों को फर्जी मुकदमों में फंसाने की घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने राज्य सरकार से प्राथमिकी दर्ज करने में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन करने का निर्देश देने की मांग रखी। उन्होंने कहा वकीलों पर आपराधिक हमलों को देखते हुए सुरक्षा कानून बनाया जाना आवश्यक है।
बार अध्यक्ष आईके चतुर्वेदी ने कहा कि ग्राम अदालतें दरवाजे पर न्याय देने की दिशा में एक कदम है। किंतु इससे पहले सरकार जिला अदालतों की हालत में सुधार लाए । सभी सुविधाएं दी जाएं। मध्यप्रदेश की तरह भी प्रदेश में भी अधिवक्ता सुरक्षा कानून बनाया जाए। अपराधी वकीलों को आतंकित करते हैं स्वतंत्र न्यायपालिका के लिए सुरक्षा कानून जरूरी है।
महासचिव एसी तिवारी ने कहा कि हाईकोर्ट की सात जजों की वृहदपीठ के समक्ष बार की समस्याएं रखी जाएंगी। 11 जनवरी को सभी जिला जजों की भी रिपोर्ट के साथ बार संगठनों के सुझावों पर वृहदपीठ विचार करेगी। कोर्ट की मंशा के अनुसार यह महापंचायत बुलाई गई है। डेढ़ दर्जन से अधिक जिला बार संगठनों के अध्यक्ष व् प्रतिनिधियों ने भी विचार रखे। जौनपुर, इलाहाबाद, मिर्जापुर, आजमगढ़, कौशाम्बी, सीतापुर, बलिया, गोंडा, मैनपुरी, कुंडाप्रतापगढ़ सहित कई जिला बार संगठनों के पदाधिकारियों ने अपने सुझाव दिए।
जिला अधिवक्ता संघ इलाहाबाद के अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी ने कहा कि बार कौंसिल नए छात्रों से परीक्षा शुल्क के नाम पर 3500 रुपये वसूल रहा है इसे बंद किया जाए। वकीलों की एकता बहुत जरूरी है। वकीलों ने कहा पुलिस बिना गवाह के फर्जी रिकवरी दिखा कर वकीलों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कर रही है। इस पर रोक लगनी चाहिए। साथ ही वकीलों को भी अपनी मर्यादा का हमेशा ध्यान रखना चाहिए। वकीलों को आत्म निरीक्षण करना चाहिए। जिला कचहरियों में शौचालय, स्वच्छता पेयजल आपूर्ति और वकीलों के बैठने के स्थान की कमी है। बार काउंसिल की संस्तुति पर शस्त्र लाइसेंस देने और बार काउंसिल के आईकार्ड को वैध पहचानपत्र घोषित करने की मांग की। सभा का आयोजन हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पुस्तकालय हाल में किया गया। सभा का संचालन संयुक्त सचिव प्रशासन प्रशांत सिंह रिंकू ने किया। सभा में भारी संख्या में बार संगठनों ने हिस्सा लिया। सुझावों को वृहदपीठ के समक्ष रखा जाएगा।