कब्रिस्तान से अवैध कब्जा हटवाने के दौरान जेसीबी पर पथराव
भारी हंगामे के बीच 20 अवैध मकान जमींदोज
विरोध के चलते कार्रवाई बीच में छोड़कर लौटा दस्ता
इलाहाबाद। हिम्मतगंज स्थित काला डांडा कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने गए दस्ते को जर्बदस्त विरोध झेलना पड़ा। आक्रोशित लोगों ने जेसीबी पर पथराव कर दिया। पथराव के दौरान चक्काजाम करने की भी कोशिश हुई। इसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करके लोगों को वहां से खदेड़ा। भारी हंगामें के बीच दस्ते ने वहां निर्मित 20 पक्के मकान जमींदोज कर दिए लेकिन लगातार जारी विरोध के चलते अफसरों को कार्रवाई बीच में ही छोड़कर लौटना पड़ा।
हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद कब्रिस्तान की भूमि मुक्त कराने शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कनौजिया, एडीए जोनल अधिकारी आलोक पांडेय, नगर निगम के नजूल प्रभारी लालमणि यादव, अतिक्रमण निरीक्षक मनोज कुमार, वक्फ बोर्ड की शालिनी सिंह, सीओ शिवराज की मौजूदगी में करीब सवा ग्यारह बजे दस्ता मौके पर पहुंचा। जेसीबी को वहां देखते ही लोगों में खलबली मच गई। अफसरों ने घर खाली करने का निर्देश दिया लेकिन लोगों ने जेसीबी को घेर लिया। महिलाएं जेसीबी के सामने जाकर बैठ गईं। लोगों का आरोप था कि प्रशासन बिना समय दिए एकपक्षीय कार्रवाई कर रहा है जबकि अफसर एक माह पूर्व ही नोटिस जारी कर दिए जाने की बात कह रहे थे। इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक नोंकझोंक हुई। इसी बीच अचानक जेसीबी पर पथराव शुरु हो गया। ईंट-पत्थर चलते ही पुलिस ने लोगों को खदेड़ना शुरु कर दिया। यहां से उग्र लोग किदवई गर्ल्स स्कूल के पास पहुंच गए और वहां जाम लगाने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने वहां से भी उनको खदेड़ दिया। इसके बाद भारी पुलिस बल की निगरानी में अफसरों ने कार्रवाई शुरु की। यहां सभी घरों से लोगों ने अपने सामान पहले ही निकाल लिए थे। दस्ते ने कब्रिस्तान के पश्चिमी दिशा से कार्रवाई शुरु करते हुए यहां निर्मित मकान ध्वस्त करने शुरु कर दिए। इधर, जेसीबी मकान ध्वस्त कर रहा था उधर लोग प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। भारी विरोध के बीच ही मकान ध्वस्त किए जाते रहे। करीब साढ़े तीन बजे विरोध और भी तेज हो गया। तमाम महिलाएं भी विरोध में आगे आ गईं। हंगामा बढ़ता देख आखिरकार अफसरों को कार्रवाई बीच में रोकनी पड़ी। चार बजे तक चली कार्रवाई केदौरान 20 पक्के मकान दस्ते ने जमींदोज कर दिए।
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अभी जमीेंदोज होने हैं 54 पक्के मकान
इलाहाबाद। काला डंडा स्थित कब्रिस्तान की भूमि पर कुल 74 पक्के मकान अवैध तरीके से निर्मित पाए गए हैं। इन सभी के खिलाफ नोटिस जारी की गई थी। आज कार्रवाई केदौरान सिर्फ 20 अवैध निर्माण ही दस्ता तोड़ सका जबकि 54 मकान अभी भी शेष बचे हुए हैं। यह सभी निर्माण पक्की छत के बने हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक इनके खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।
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कब्रिस्तान के भीतर बने थे तीन मंजिला मकान
इलाहाबाद। काला डांडा स्थित कब्रिस्तान की भूमि पर ही लोगों ने अवैध कब्जा करके वहां तीन मंजिला तक पक्के मकान बना लिए थे। कब्रिस्तान के पश्चिमी हिस्से के बड़े हिस्से पर लोगों ने कब्जा जमाया हुआ है। शुरुआत में यहां मामूली बस्ती थी लेकिन बाद में लोगों ने धीरे-धीरे करके पक्के मकान बना लिया। जिन निर्माणों को ध्वस्त करने के लिए चिन्हित किया गया है उनमें कई मकान दो एवं तीन मंजिल तक बने हुए हैं।
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आंखों के सामने आशियाना गिरता देख ढुलक पड़े आंसू
इलाहाबाद। जमीन भले कब्रिस्तान पर अवैध कब्जे की रही हो लेकिन उस पर बना अशियाना वहां रहने वाले लोगों ने जज्बातों केसाथ बनाया था। कब्रिस्तान की जमीन पर बसी यह बसावट करीब पच्चीस साल से अधिक पुरानी बताई जा रही है। आसपास रहने वालों के मुताबिक पहले यहां कच्चे मकान बने थे लेकिन बाद में धीरे-धीरे अपनी जमा पूंजी लगाकर उसे पक्का बना लिया। कुछ लोगों के इस जमीन को बेंचने के धंधे में शामिल होने की भी बात कही जा रही है। कब्रिस्तान की जमीन बेंचकर भी यहां कई लोगों को लाकर बसा दिया गया। वहीं पास में किराने की दुकान चलाने वाले परवेज अपने पूरे परिवार के साथ यहां करीब बीस साल से रह रहा है। यहीं उसकी बच्ची पैदा हुई जिसका निकाह भी उसने यहीं रहते हुए पिछले वर्ष किया था। इस घर को बनवाने में उसने अपनी पूरी जमा पूंजी लगा दी। उसे कहीं से भी अहसास नहीं था कि जिस जगह पर अशियाना बना रहा कभी उसके जमींदोज होने की भी नौबत आ सकती है। जब जेसीबी उसके अशियाना को ढहा रहा था तब वह फूट-फूटकर रोने लगा। यही हाल वहां रहने वाले दूसरे लोगों का भी था। सब अपने अशियानों को यूं तिनके की तरह बिखर जाता देख गम में डूबे दिखाई पड़े। बूढ़ी महिलाएं कुछ ज्यादा आक्रोशित हो उठीं थी, तब उन्होंने अधिकारियों को भला-बुरा कहना शुरु कर दिया।