भाजपा के सामने साख बचाने की चुनौती
- भाजपा के लिए आसान नहीं है केशव का उत्तराधिकारी खोजना
- सोशल मीडिया में डिप्टी सीएम की पत्नी को उम्मीदवार बनाने की मुहिम
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। फूलपुर संसदीय क्षेत्र में उपचुनाव का बिगुल बजते ही भाजपा में सक्रियता बढ़ गई है। केशव मौर्य के इस्तीफा देने के बाद से लगातार भाजपाई इस सीट से उनके परिवार के किसी सदस्य को टिकट दिए जाने की मांग कर रहे हैं। सोशल मीडिया में भी इसे लेकर भाजपाइयों ने इसकी मुहिम छेड़ रखी है। चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद इस मुहिम में एकबारगी तेजी भी आई है। हालांकि भाजपा के लिए इस सीट पर अपनी साख बचाना बड़ी चुनौती है। वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने यहां रिकार्ड मतों से जीत हासिल कर राजनीतिक गलियारे में हलचल मचा दी थी।
केशव के इस्तीफा देने के बाद से ही भाजपा इस सीट से उनका उत्तराधिकारी खोज रही है। पार्टी नेताओं की मंशा है कि यह सीट हर हाल में उसी के पास आए। शायद इसी वजह से भाजपा द्वारा पिछले दिनों ही इलाहाबाद में उपचुनाव की तैयारियों को लेकर प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला को इलाहाबाद भेजा दिया था। भाजपा ने उन्हें फूलपुर उप चुनाव का प्रभारी बनाया है। पार्टी फूलपुर किला फतह करने के लिए बूथ मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान दे रही है। पार्टी के प्रदेश कार्य समिति सदस्य नरेंद्र देव पांडेय का कहना है कि पार्टी बूथ स्तर पर काम कर रही है। युवा वोटर भी भाजपा के साथ हैं। इस बीच सोशल मीडिया में भी केशव की पत्नी राजकुमारी मौर्य को टिकट देने की मुहिम उनके समर्थकों ने छेड़ रखी है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष केशरी देवी पटेल के भी समर्थक उन्हें उम्मीदवार बनाने की मांग कर रहे हैं। भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य अरुण अग्रवाल, सुबोध सिंह, अरुण अग्रवाल आदि नेताओं ने फूलपुर सीट से केशव की पत्नी राजकुमारी को उम्मीदवार बनाए जाने की मांग की है।