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सभी आईकार्ड बनने के बाद ही छात्रसंघ चुनाव

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सभी आईकार्ड बनने के बाद ही छात्रसंघ चुनाव
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0 फोर्स की उपलब्धता पर भी निर्भर करेगा चुनाव
0 सितंबर के अंत में त्योहार के कारण भी दिक्कत

अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने भले ही सितंबर के अंत या अक्तूबर की शुरुआत में छात्रसंघ चुनाव कराने का मन बना लिया हो लेकिन चुनाव समय से कराना इविवि प्रशासन के लिए अब भी बड़ी चुनाती है। चुनाव से पहले सभी छात्र-छात्राओं का आईकार्ड बनना जरूरी है। अगर यह काम पूरा हो जाता है तो इसके बाद फोर्स की उपलब्धता देखी जाएगी। पुलिस तैयार हो जाती है तो ठीक, वरना इविवि प्रशासन को छात्रसंघ चुनाव कुछ दिनों के लिए टालना पड़ सकता है।
हालांकि इलाहाबाद विश्वविद्यालय समेत सभी संबद्ध महाविद्यालयों में चुनावी माहौल नजर आने लगा है। विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों के परिसर में तो चुनावी सरगर्मी बढ़ी ही है, शहर के प्रमुख चौराहे भी छात्रसंघ चुनाव के संभावित प्रत्याशियों के पोस्टर-बैनर से पट गए हैं। बालसन चौराहा, सीएमपी डॉट पुल के आसपास, बैरहना चौराहा, सलोरी, अल्लापुर और ऐसी डेलीगेसियां जहां छात्रों की संख्या काफी अधिक है, वहां बड़ी मात्रा में पोस्टर-बैनर लगे हैं। संभावित प्रत्याशी अपनी तरफ से चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं और अब औपचारिक रूप से छात्रसंघ चुनाव की तिथि घोषित होने का इंतजार कर रहे हैं।
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इविवि और संबद्ध कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया तकरीबन पूरी होने को है और आईकार्ड बनाने एवं वितरित किए जाने का काम शुरू किया जा चुका है। जब तक शत प्रतिशत आईकार्ड बनाने का काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक इविवि प्रशासन चुनाव की तिथि घोषित नहीं करेगा। छात्रसंघ चुनाव में आईकार्ड दिखाने के बाद ही मतदान की अनुमति मिलती है। साथ ही मतदान करने वाले छात्र-छात्राओं को फीस रसीद भी साथ ले जानी पड़ती है, जिस पर बैलेट पेपर जारी होने की मुहर लगाई जाती है।
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इसके अलावा सितंबर के अंत में नवरात्र, दुर्गापूजा और दशहरा का त्योहार है। ऐसे में चुनाव के लिए फोर्स मिल पाना भी मुश्किल नजर आ रहा है। अगर पुलिस अक्तूबर की शुरुआत में फोर्स उपलब्ध कराने को तैयार हो जाती है तो चुनाव समय से हो सकते हैं लेकिन यह इविवि प्रशासन, जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त बैठक में ही तय होगा। अक्तूबर के बाद नगर निगम चुनाव की बारी आ जाएगी और तब फोर्स मिल पाने की उम्मीद बिल्कुल नहीं रह जाएगी। चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे का कहना है कि आईकार्ड बनाने का काम जल्द ही पूरा हो जाएगा। इसके बाद जिला प्रशासन और पुलिस के अफसरों के साथ बैठक कर चुनाव की तिथि तय की जाएगी।
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