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सीवर में मौत पर जवाब तलब

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सीवर में सफाईकर्मियों की मौत पर जवाब तलब
0 सुरक्षा उपकरण मुहैया कराने पर हाईकोर्ट ने मांगी जानकारी
0 हर साल सीवर में जाती है सैकड़ों सफाईकर्मियों की जान
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने वाराणसी के पांडेयपुर में सीवर लाइन में गिरने से दो सफाईकर्मियों की मौत के मामले में राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने नगर निगम और सीवर कार्य करा रही कंपनी एलएंडटी से भी जवाब मांगा है। कोर्ट ने जानना चाहा है कि जब सफाई के लिए मशीनें उपलब्ध हैं तो उनके बजाए सफाईकर्मियों से सीवर क्यों साफ कराया जा रहा था। कोर्ट ने तीन मई तक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
मानवाधिकार जन निगरानी समिति के डॉ. लेनिन और ह्यूमनराइट लॉ नेटवर्क की अनुराधा ने इस मामले में जनहित याचिका दाखिल की है। याचिका पर न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल और न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की पीठ ने सुनवाई की। कोर्ट का कहना था कि सीवर का कार्य करने वाले सफाईकर्मियों को सुरक्षा उपकरण क्योें नहीं मुहैया कराए जाते हैं।
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अधिवक्ता केके रॉय और चार्ली प्रकाश का कहना था कि एक मार्च को नगर निगम के संविदा सफाईकर्मी चंदन और राकेश को पांडेयपुर में एक सीवर में 20 फिट नीचे उतारा गया था। वहां जहरीली गैस के कारण दोनों की जान चली गई। नियमानुसार सीवर कार्य में लगे कर्मचारियों को सेफ्टी बेल्ट, ऑक्सीजन मास्क, दस्ताना, जैकेट, जूते आदि देना अनिवार्य है। सीवर में कार्बन डाईआक्साइड, मीथेन, सल्फर डाईआक्साइड आदि गैसें होती हैं। जोकि जानलेवा है। याचीगण का कहना था कि देश के 11 राज्योें में पिछले एक वर्ष के दौरान 97 सफाईकर्मी सीवर में जान गंवा चुके हैं। इसमें सबसे ज्यादा मौतें उत्तर प्रदेश में हुई हैं। 2016 में मौताें की संख्या 172 थी। इसी प्रकार से 2017 में भी मौतें हुई हैं। वाराणसी में पिछले साल छह सफाईकर्मियों की जान जा चुकी है।
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