फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीटीसी अभ्यर्थियों को उतर पुस्तिकाएं दिखाने का आदेश

विज्ञापन
विज्ञापन
सभी केंद्र
विज्ञापन

000000000000000

बीटीसी अभ्यर्थियों को उत्तर पुस्तिकाएं दिखाने का आदेश
0 आरटीआई में मांगने पर दिखाई जाएं उत्तर पुस्तिकाएं
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। बीटीसी तृतीय सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी को लेकर दाखिल याचिकाओं पर हाईकोर्ट ने सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी से कहा है कि यदि अभ्यर्थी आरटीआई में उत्तर पुस्तिकाएं मांगते हैं तो उनको दो सप्ताह में उपलब्ध करा दी जाएं। इससे पूर्व कोर्ट ने सचिव को खुद की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच करने का आदेश दिया था।
आदेश के अनुपालन मेें सचिव ने बताया कि कमेटी की जांच में कुछ उत्तर पुस्तिकाओं में गड़बड़ी पाई गई है, जिनको दुरुस्त कर दिया गया है। कुछ अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं मिल नहीं रही हैं इसलिए उन सभी को जनरल मार्क्स दे दिए गए हैं। दो अभ्यर्थियों की कॉपियों में मिले अंकों का योग करने में गड़बड़ी के कारण उनके प्राप्तांक पूर्णांक से अधिक पाए गए हैं। इसको भी दुरुस्त कर दिया गया है। सचिव का कहना कि उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में ऐसी कोई बड़ी गड़बड़ी नहीं पाई गई, जिससे पूरी परीक्षा को दूषित कहा जा सके।
विज्ञापन

याचीगण विकास और अन्य की ओर से अधिवक्ता अशीष कुमार सिंह ने कहा कि याचीगण अपनी उत्तर पुस्तिकाएं देखना चाहते हैं। कुछ ने आरटीआई के तहत आवेदन करके उत्तर पुस्तिकाएं मांगी भी हैं। इस पर सरकारी वकील का कहना था कि यदि कोई आरटीआई में अपनी उत्तर पुस्तिका मांगता है तो देने में कोई आपत्ति नहीं है। इस पर मामले की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता ने दो सप्ताह में मांगे जाने पर उत्तर पुस्तिका उपलब्ध कराने का निर्देश देते हुए याचिकाएं निस्तारित कर दी हैं।
विज्ञापन

याचीगण का कहना था कि तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा में मूल्यांकन की गड़बड़ी के कारण करीब नौ हजार अभ्यर्थियों को फेल कर दिया गया है। कई लोगों को पूर्णांक से अधिक अंक दे दिए गए हैं तथा कई को अंक दिए ही नहीं गए हैं। इस पर कोर्ट ने मामले की जांच का आदेश दिया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें