हाईकोर्ट पार्किंग के लिए मुख्य सचिव करें बैठक
0 मल्टी लेबल पार्किंग के लिए अन्य विभागों के साथ करें समन्वय
0 पार्किंग व्यवस्था में सहयोग करने का वकीलों से आग्रह
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने पार्किंग की विकराल होती समस्या से निजात पाने के लिए मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वह संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर जल्दी से जल्दी मल्टीलेवल पार्किंग की रूपरेखा तय करें। कोर्ट ने मुख्य सचिव से कहा है कि वह सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, निर्माण निगम, दिल्ली मेट्रो निगम के अधिकारियों के साथ हाईकोर्ट परिसर में दिसंबर के पहले सप्ताह में बैठक करें। छह सप्ताह में कोर्ट ने इसकी रिपोर्ट मांगी है।
समीर शंकर और अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल और न्यायमूर्ति अजय भनोट की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। कोर्ट ने इस दौरान अधिवक्ताओं से भी आग्रह किया है कि मौजूदा पार्किंग व्यवस्था में सहयोग करें तथा पार्किंग के लिए जो स्थान निर्धारित किया गया है वहीं पर अपने वाहन खड़े करें। कोर्ट ने महानिबंधक से भी पूछा है कि मल्टीलेवल पार्किंग की व्यवस्था होने तक हाईकोर्ट क्रिकेट ग्राउंड में अस्थायी पार्किंग व्यवस्था हो सकती है या नहीं और हाईकोर्ट परिसर में किन स्थानों पर पार्किंग की जा सकती है।
पोलोग्राउंड को पांच साल के लिए पट्टे पर लेने के लिए मुख्य न्यायाधीश और रक्षामंत्री की बैठक की व्यवस्था कराने का भी आदेश दिया है। कहा है कि दोनों प्रमुखों की बैठक शीघ्र कराई जाए। नगर आयुक्त और एडीए उपाध्यक्ष से कहा है कि हाईकोर्ट के आसपास पार्किंग की योजना तैयार कर आवश्यक कर्मचारियों की तैनाती की जाए। पार्किंग शुल्क भी तय करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने इस पर चार दिसंबर को रिपोर्ट मांगी है।
सुनवाई के दौरान डीएम, एसएसपी, एसपी यातायात, नगर आयुक्त और राज्य निर्माण निगम के प्रबंध निदेशक मौजूद थे। एससी यातायात ने जानकारी दी कि गलत पार्किंग पर 48 वाहनों का चालान किया गया है। कोर्ट ने एसएसपी को अतिरिक्त पुलिस बल और डीएम को एक मजिस्ट्रेट की तैनाती करने का आदेश दिया है। राजकीय निर्माण निगम की ओर से कोर्ट को बताया गया कि मल्टी लेवल पार्किंग बनाने में उनकी विशेषज्ञता नहीं है। इस प्रकार के निर्माण दिल्ली मेट्रो रेल निगम कर सकता है। मुख्य सचिव ने मेट्रो रेल के महाप्रबंधक को पत्र लिखा है। उन्होंने इसका प्रोजेक्ट तैयार करने पर सहमति दे दी है।