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सज गए शहर के देवी धाम

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नवरात्र कल से, तैयारियां शुरू
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0 प्रथम दिन पूजी जाएंगी भगवती शैलपुत्री, मंदिर समितियों की हुईं बैठकें
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
मां भगवती की आराधना का पर्व शारदीय नवरात्र बृहस्पतिवार से शुरू हो रहे हैं। देवी मंदिरों में विशेष तैयारियां की गईं है। मां भवानी को सजाने, मंदिरों की साज सजावट, साफ-सफाई और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर समितियों ने योजना को अंतिम रूप दिया। मंदिरों को फूलों, रंगीन पताकाओं और झालरों से सजाया जाएगा। पहले दिन भगवती के प्रथम शैलपुत्री स्वरूप की पूजा अर्चना की जाएगी।
शक्तिपीठ अलोपशंकरी सहित शहर के प्रमुख सिद्धपीठों में देवी जागरण दुर्गा सप्तशती का पाठ, शतचंडी यज्ञ होंगे। मां कल्याणी देवी के मंदिर के पट मंगला आरती के बाद दर्शन-पूजन के लिए दोपहर एक बजे तक खुले रहेंगे। मां का महाभिषेक, पूजन और शृंगार भगवती शैलपुत्री के रूप में किया जाएगा। शृंगार दर्शन शाम छह बजे से रात के 12 बजे तक जारी रहेगा। अध्यक्ष सुशील पाठक एवं महामंत्री श्याम जी पाठक के नेतृत्व में नौ दिनों तक देवी की खास पूजा, शृंगार होगा। सिविल लाइंस स्थित सिद्धेश्वरी गुप्तपीठ, हाईकोर्ट हनुमान मंदिर मंदिर, अष्टभुजी मंदिर, सिविल लाइंस हनुमत निकेतन के दुर्गा मंदिर, कर्नलगंज कालीबाड़ी, कटरा कालीबाड़ी आदि में कलश स्थापना सहित अनेक अनुष्ठान होंगे।
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कलश स्थापना का मुहूर्त
कलश स्थापना का अभिजीत मुहूर्त बृहस्पतिवार की दोपहर 11.36 से 12.24 तक का है। अखिल भारतीय ज्योतिष परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री अविनाश राय के मुताबिक अश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा बुधवार को सुबह 10.22 के बाद आरंभ होकर बृहस्पतिवार की सुबह 9.57 तक रहेगी। कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सूर्योदय 5.58 से लेकर सुबह 9.57 तक है। महाअष्टमी 28, महानवमी29 और विजयादशमी 30 सितंबर को है। नौ दिन का व्रत करने वाले विजयादशमी की सुबह और अष्टमी तक व्रत करने वाले नवमी को व्रत का पारण करेंगे।
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व्यवस्था होगी दुरुस्त तभी ललिता धाम में नवरात्र मेला
मीरापुर स्थित सिद्धपीठ ललिता देवी मंदिर समिति की बैठक मंगलवार को हुई। इसमें अव्यवस्थाओं के चलते नवरात्र मेला न करने का निर्णय हुआ। अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा ने कहा कि बृहस्पतिवार से नवरात्र आरंभ हो रहे हैं। मंदिर के आसपास सड़क, प्रकाश और सफाई व्यवस्था ध्वस्त है। संबंधित विभागों को बार-बार अवगत कराया गया लेकिन अभी तक कोई भी कार्य पूरे नहीं कराए गए। यदि बृहस्पतिवार से पहले अव्यवस्थाओं को दूर नहीं कराया जाएगा तो नवरात्र मेला नहीं होगा। बैठक में धीरज नागर, महेंद्र मालवीय, संजय उपाध्याय, उमेश मिश्रा, सरदार सत्येंद्र सिंह, दिलीप केशरी, कौशल आदि उपस्थित थे।
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