अब हास्ॅटल फीस बढ़ोतरी के खिलाफ आंदोलन
छात्रों ने किया प्रदर्शन, डीएसडब्ल्यू को सौंपा ज्ञापन
इविवि में रेल आरक्षण काउंटर खोले जाने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
इविवि प्रशासन ने विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए की गई फीस बढ़ोतरी वापस ली तो छात्रों ने अब हॉस्टल फीस बढ़ोतरी के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने इसके विरोध में विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया और डीएसडब्ल्यूडी को 14 सूत्रीय ज्ञापन देकर कहा कि 72 घंटे में मांगें पूरी नहीं हुईं तो छात्र आंदोलन को तेज करेंगे।
छात्रों ने यह मांग भी की है कि जहां तक संभाव हो, इविवि में शोध छात्रों से शिक्षण कार्य न कराया जाए। अगर ऐसा कराया जाता है तो विश्वविद्यालय की ओर से शोध छात्रों को अनुभव प्रमाणपत्र जारी किया जाए। इसके अलावा परिसर में शिक्षण कार्य पांच दिन की जगह छह दिन किया जाए और छात्रों की सुविधा के लिए परिसर में रेलवे आरक्षण काउंटर की सुविधा लागू की जाए। यह मांग भी उठी कि डेलीगेसी में रहने वाले छात्रों को डेलीगेसी भत्ता दिया जाए। छात्रों से इस बात पर चिंता जताई कि उन्हें परिसर में विश्वविद्यालय प्रशासन के अफसरों से मिलना होता है तो इसके लिए पुलिस की जरूरत पड़ती है। अफसर पुलिस के बगैर छात्रों से मिलने के लिए तैयार नहीं होते। ज्ञापन देने वालों में छात्र नेता विक्रांत सिंह, आनंद सिंह, रिंकू पयासी, कवि विशाल, विरेंद्र चौहान, अनुपम, प्रफुल्ल शुक्ला, अनुभव उपाध्याय, नीरज सिंह, मृत्युंजय सिंह, अन्नू राजपूत आदि शामिल रहे।
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उपाध्यक्ष ने अल्पसंख्यक आयोग को भेजी शिकायत
इलाहाबाद। इविवि के चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे की ओर से छात्रसंघ उपाध्यक्ष अदील हमजा को भेजे गए नोटिस के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले में छात्रसंघ उपाध्यक्ष ने अल्पसंख्यक आयोग को शिकायत भेजी है। उपाध्यक्ष का कहना है कि सीएम का पुतला दहन करने पर उन्हें अधार्मिक बताकर परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया। यह पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है और मौलिक अधिकारों को हनन है।