एनएसजी, एटीएस, पैरामिलिट्री के साथ ही अब स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स को भी मेले में तैनात करने का निर्णय लिया गया है। मेले में फोर्स के 200 जवान तैनात किए जाएंगे। महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, व्यक्तियों, धर्मस्थलाें की सुरक्षा के लिए यह बल विशेष रूप से बनाया गया है। वर्तमान में प्रदेश में एयरपोर्ट, अदालतों, मेट्रो रेल की सुरक्षा का जिम्मा इसी के पास है।
एसएसएफ की प्रदेश में कुल छह बटालियन हैं जिनमें से तीसरी बटालियन धूमनगंज स्थित चार वाहिनी पीएसी छावनी में कैंप कर रही है। खासतौर से सुरक्षा के लिए ही बनाई गई इस फोर्स को अब महाकुंभ मेले की सुरक्षा के लिए भी तैनात करने का निर्णय लिया गया है।
एसएसएफ के 200 जवान मेले में तैनात किए जाएंगे। नागवासुकि मंदिर के पास टीम कैंप करेगी। एसएसएफ के जवान आपात स्थितियों में महाकुंभ में मोर्चा संभालेंगे। माना यह भी जा रहा है कि मेला क्षेत्र स्थित महत्वपूर्ण स्थलाें की सुरक्षा की कमान भी एसएसएफ के जवानों को दी जा सकती है। यह भी संभव है कि अखाड़ा क्षेत्र में भी सुरक्षा तंत्र को पुख्ता करने के लिए एसएसएफ के जवानों को तैनात किया जा सकता है।
अत्याधुनिक हथियारों से लैस, कमांडो ट्रेनिंग भी
एसएसएफ के जवानों को अत्याधुनिक हथियारों से लैस किया गया है। ये कमांडो ट्रेनिंग भी पूरी कर चुके हैं। इस फोर्स में आने वाले जवानों को नौ महीने का प्रशिक्षण दिया गया है जिनमें से तीन महीने विशेष प्रशिक्षण के हैं। विशेष प्रशिक्षण में उन्हें कमांडो ट्रेनिंग के साथ ही बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल (बीडीडीएस), स्नाइपर, एंटी सबाटोज चेक का भी प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
तीन एयरपोर्ट, कोर्ट व मेट्रो की संभाल रहे सुरक्षा
एसएसएफ के पास मौजूदा समय में प्रदेश के महत्वपूर्ण व संवेदनशील स्थलों, प्रतिष्ठानों की सुरक्षा का जिम्मा है। इनमें से तीन एयरपोर्ट हैं जिनमें लखनऊ, गोरखपुर व प्रयागराज एयरपोर्ट शामिल हैं। इसके अलावा कानपुर कोर्ट व कानपुर व लखनऊ मेट्रो की सुरक्षा भी एसएसएफ के ही हवाले है।
कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी अस्पताल में बनाया गया आईसालेशन वार्ड। संवाद