संगम पर बढ़ सकता है दबाव
कानपुर से छोड़ा गया पानी गंगा की धारा के साथ आगे बढ़ेगा। प्रयागराज पहुंचने पर इसका असर गंगा के साथ संगम क्षेत्र में भी पड़ सकता है। यहां गंगा और यमुना का संगम होने के कारण दोनों नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का असर कछारी क्षेत्रों और नदी किनारे बसे इलाकों पर दिखाई दे सकता है। खासकर निचले इलाकों में पानी पहुंचने की आशंका बढ़ सकती है।
खोले गए बैराज के सभी 30 गेट
कानपुर गंगा बैराज में अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम जलस्तर चेतावनी बिंदु के करीब बताया गया है। लगातार बारिश और ऊपरी जलाशयों से पानी आने के कारण बैराज के सभी 30 गेट खोलकर करीब 2.95 लाख क्यूसेक पानी प्रति सेकंड छोड़ा जा रहा है। बैराज से छोड़े जाने वाला पानी कौशाम्बी और प्रयागराज में गंगा के कछारी इलाके में बाढ़ का खतरा लेकर आ सकता है।