2.16 लाख शहरियों पर बोझ, 70 प्रतिशत बढे़गा गृहकर
नगर निगम ने मासिक किराया की अंतिम दरें विज्ञापित कीं
दस साल बाद अप्रैल 2020 से लागू होंगी कर की नई दरें
प्रयागराज। नगर निगम ने भारी विरोध के बाद भी गृहकर निर्धारण के लिए मासिक किराए में भारी वृद्धि कर अंतिम दरें विज्ञापित करा दी हैं। नई दरों के मुताबिक भवनों के वर्तमान वार्षिक मूल्यांकन में 70 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हो जाएगी। इसी अनुपात में बढ़ा गृहकर भी अदा करना होगा। इससे करीब दो लाख 16 हजार गृहस्वामी प्रभावित होंगे। साफ है कि शहरियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। साथ ही सीवर और जलकर भी अधिक देना होगा। नई दरें एक अप्रैल 2020 से प्रभावी होंगी।
नगर निगम नियमावली में प्राप्त अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए नगर आयुक्त ने 14 जून 2019 को मासिक किराया की नई दरें प्रस्तावित की थीं। बढ़ी दरों पर हो हल्ला मचा तो बीच का रास्ता निकालने का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद आपत्तियां मांगी गईं। करीब 700 आपत्तियां आईं, जिनमें करीब 175 पर अफसरों की टीम ने सुनवाई की। सोमवार को तबादला आदेश आने के बाद रिलीव होने से पहले नगर आयुक्त डॉ. उज्ज्वल कुमार नई दरों को अनुमोदित कर विज्ञापित करा दिया।
शहर के 80 वार्डों में करीब 2.16 लाख भवन कर के दायरे में हैं। मासिक किराया दरों में वृद्धि के बाद गृहकर का मूल्यांकन (वार्षिक मूल्य) बढ़ जाएगा। मसलन किसी भवन का वर्तमान वार्षिक मूल्यांकन 1000 है तो वह 1700 हो जाएगा। उसे 110 रुपये नहीं बल्कि 187 रुपये गृहकर के मद में अदा करना होगा। इसी अनुपात में जल और सीवर कर भी बढ़ेगा, जो गृहकर से अधिक है। अब लगभग निश्चित हो गया है कि अगले वित्तीय वर्ष से गृहस्वामियों को गृहकर का भुगतान बढ़ी दरों से ही करना होगा।
कच्चे मकानों पर सिर्फ 25 प्रतिशत वृद्धि
कच्चे, टीन शेड, खपरैल आदि में रहने वाले कमजोर लोगों पर भी मासिक किराया वृद्धि की मार पड़ेगी। ऐसे घरों पर 25 फीसदी वृद्धि की गई है। हालांकि अब शहर में ऐसे भवनों की संख्या कम है। अनुमान के मुताबिक कच्चे मकानों में रहने वाले एक हजार का आंकड़ा पार नहीं करते।
दो साल में दर वृद्धि का नियम, दस साल बाद होंगी लागू
शासन ने प्रत्येक दो वर्ष में मासिक किराया की दरों में वृद्धि, संशोधन का आदेश जारी किया है। प्रयागराज में इससे पहले वर्ष 2010 में करीब 40 फीसदी वृद्धि के प्रस्ताव को लागू किया गया था। तब से अब तक कई बार प्रयास हुए लेकिन महापौर और पार्षदों के विरोध के कारण अफसर अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सके। इस बार गुपचुप तरीके से प्रस्तावित मासिक किराए की दरों को आपत्ति निस्तारण के नाम पर आंशिक संशोधन के साथ लागू कर दिया गया है।
नगर निगम ने आय बढ़ाने और संसाधन विकसित करने के उद्देश्य से नई मासिक किराया दरों में वृद्धि की है। प्रस्तावित दरों को आपत्तियों के निस्तारण और जनहित को ध्यान में रखते हुए विज्ञापित किया गया है। -पीके मिश्रा, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, नगर निगम