पीसीएस-2017 को लेकर प्रतियोगियों में दुविधा बढ़ती जा रही है। 2017 से ही मुख्य परीक्षा में सिविल सेवा का प्रारूप लागू हो पाएगा इसे लेकर अभी भ्रम बना हुआ है। विज्ञापन जारी होने में देरी की वजह से प्रारंभिक परीक्षा पर भी असमंजस की स्थिति है। ऐसे में प्रतियोगियों को आशंका है कि पीसीसी-2017 प्रारंभिक परीक्षा निर्धारित कार्यक्रम के अंतर्गत 19 मार्च को हो पाएगी या नहीं।
आयोग 2017 से ही सिविल सेवा का प्रारूप लागू करने की तैयारी में है। इसके लिए कार्यशाला भी हो गई, लेकिन अभी इस पर निर्णय नहीं हो पाया है। जबकि, 19 मार्च को प्रारंभिक परीक्षा प्रस्तावित है। असमंजस की इस स्थिति के बीच विज्ञापन जारी नहीं होने की वजह से कई अन्य सवाल भी खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक परीक्षा में अब 50 दिन से भी कम समय बचा है। आयोग को नोटिफिकेशन जारी करने के बाद कम से कम एक महीने का समय प्रतियोगियों को आवेदन के लिए देना होगा। इसके बाद अभ्यर्थियों की संख्या के अनुसार केंद्र का निर्धारण कर प्रवेश पत्र ऑनलाइन करना होगा। चूंकि अब आयोग दूसरे जिलों में सेंटर भेजने लगा है।
ऐसे में प्रवेश पत्र डाउनलोड करने के लिए भी अभ्यर्थियों को पर्याप्त समय देना होगा। चिंताजनक यह कि आयोग के अफसर भी इस बारे में स्पष्ट तौर पर कुछ बोलने से बच रहे हैं। ऐसे में अभ्यर्थियों में आशंका है कि अब परीक्षा समय से नहीं हो पाएगी। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अवनीश पांडेय, नागेंद्र सिंह आदि प्रतियोगियों ने मांग की है कि आयोग जल्द से जल्द स्थिति स्पष्ट करे।