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आय से अधिक संपत्ति मामले
में पूर्व मंत्री राकेशधर हुए पेश
0 एमपीएमएलए कोर्ट में विवेचक ने दाखिल किया शपथपत्र
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। आय से अधिक संपत्ति मामले में लंबित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के मुकदमे में बृहस्पतिवार को पूर्व मंत्री राकेशधर त्रिपाठी स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए में पेश हुए। कोर्ट द्वारा दर्ज प्रर्कीण वाद में नोटिस जारी करने के बाद प्रकरण के विवेचक हवलदार सिंह और शैलेश कुमार यादव ने भी उपस्थित होकर शपथपत्र दाखिल किया है। पूर्व मंत्री द्वारा आरोप से मुक्त किए जाने की अर्जी पर मुकदमा वादी अजय कुमार पांडेय की ओर से आपत्ति दाखिल की गई है। प्रकरण की अगली सुनवाई एक जुलाई को होगी। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने एसपीओ हरिओंकार सिंह और एडीजीसी राजेश गुप्ता को सुनकर दिया है।
राकेश धर के खिलाफ मुट्ठीगंज थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने विवेचना बाद आरोपपत्र दाखिल किया था। इसकी सुनवाई स्पेशल कोर्ट वाराणसी में चल रही थी। पूर्व मंत्री की अर्जी पर प्रकरण की अग्रिम विवेचना की गई। विवेचना बाद पुलिस ने कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल कर पूर्व मंत्री को क्लीन चिट दे दी है। स्पेशल कोर्ट ने अपराध में पहले आरोपपत्र और बाद में क्लोजर रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर प्रकरण के विवेचकों के खिलाफ प्रर्कीण वाद दर्ज कर नोटिस जारी कर शपथपत्र दाखिल करने का आदेश दिया था। इसी मामले में राकेशधर ने आरोप से मुक्त किए जाने की अर्जी कोर्ट में प्रस्तुत की है, जिस पर वादी अजय कुमार पांडेय की ओर उनके अधिवक्ता ने बृहस्पतिवार को आपत्ति दाखिल कर पूर्व मंत्री की अर्जी खारिज किए जाने की मांग की है।
जान से मारने की धमकी देने में मंत्री नंदी बरी
प्रयागराज। प्रदेश सरकार के मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी जान से मारने की धमकी देने के मुकदमे में बरी हो गए हैं। उनके खिलाफ लंबित मुकदमा वापस लेने की अभियोजन ने कोर्ट में अर्जी दी थी। स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए ने अभियोजन की अर्जी मंजूर करते हुए मुकदमा समाप्त कर दिया है। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने विशेष अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह, एसपीओ हरिओंकार सिंह और एडीजीसी राजेश गुप्ता को सुनकर दिया है।
घटना आठ जुलाई 2006 की कोतवाली थाने की है। वादी सुधीर श्रीवास्तव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि होटल वैशाली के पास दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। वह अपना कैमरा लेकर गया था। आरोप है कि नंदी और उनके अन्य समर्थकों ने कैमरा छीनने का प्रयास किया और उसे जान से मारने की धमकी देते हुए भगा दिया था। शासन के निर्देश पर डीएम ने मुकदमा वापस लिए जाने का पत्र अभियोजन को दिया था। अभियोजन ने कोर्ट में मुकदमा वापस लिए जाने की अर्जी प्रस्तुत की थी, जिस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने अर्जी मंजूर कर अभियुक्त को अपराध से उन्मोचित कर मुकदमा समाप्त कर दिया है।