00000000000000
कुलपति के खिलाफ छात्रों ने शुरू किया अनशन
0 जांच कमेटी के नोडल अफसर को ज्ञापन देकर उठाए गई सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। विवादों में घिरे इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू के खिलाफ छात्रों ने बेमियादी अनशन शुरू कर दिया है। साथ ही छात्रों ने कुलपति के मामले में गठित जांच समिति के नोडल अफसर को ज्ञापन देकर समिति की वैधानिकता पर ही कई सवाल उठाए हैं।
कुलपति के खिलाफ क्रमिक अनशन पर बैठे छात्र नेताओं का कहना है कि जब तक केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय सीधे कुलपति के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता है, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। कुलपति पर लगे आरोप इतने गंभीर हैं कि मामले में मंत्रालय को सीधे हस्तक्षेप करना चाहिए। छात्रों ने विश्वविद्यालय स्तर से गठित कमेटी की वैधानिकता पर भी सवाल उठाए हैं। छात्रों ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के बैनर तले बृहस्पतिवार को जांच कमेटी के नोडल अफसर देवेश गोस्वामी को ज्ञापन देकर इविवि प्रशासन से कई सवाल पूछे। ज्ञापन के जरिये जांच कमेटी के अध्यक्ष एवं इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अरुण टंडन को लेकर भी कुछ सवाल किए गए हैं। ज्ञापन सौंपने और क्रमिक अनशन करने वालों में छात्रसंघ के निवर्तमान अध्यक्ष अवनीश यादव, निवर्तमान महामंत्री निर्भय द्विवेदी, पूर्व अध्यक्ष दिनेश यादव, ऋचा सिंह, रोहित मिश्र समेत डीपी यादव, विक्रांत सिंह, सूर्य प्रकाश मिश्र, अश्वनी मौर्या, अजीत कुमार, रुद्र पांडेय, दीपक यादव, आशीष सोनकर, अनुराग मिश्र, गौरव शुक्ला, आनंद कुमार सिंह आदि शामिल रहे। उधर, अधिवक्ता श्री राम पांडेय ने आशंका व्यक्त की है कि कुल लोग कुलपति के खिलाफ साजिश कर रहे हैं, क्योंकि बिना वादी के बयान के बयान या वाद के कोई मामला इतना बड़ा होना संभव नहीं है और विधिक भी नहीं है।
00
ऋचा ने दिया कारण बताओ नोटिस का जवाब
- ऑटा और ऑक्टा की संयुक्त बैठक में हंगामा करने के आरोप में मिले कारण बताओ नोटिस का जवाब पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह ने चीफ प्रॉक्टर प्रो. एचएस उपाध्याय को सौंप दिया है। ऋचा ने कहा है कि कारण बताओ नोटिस के साथ तथाकथित आरोप यानी शिक्षक संघ की ओर से की गई शिकायत की प्रति का संलग्न न होना यह साबित करता है कि द्वेष भावना एवं बेबुनियाद आरोपों के माध्यम से उन पर दबाव बनाया जा रहा है। इविवि में ग्लोबलाइजेशन विभाग की शोध छात्रा ऋचा ने कहा है कि शिकायत पत्र की पूर्ण जानकारी के बगैर बेबुनियाद आरोपों का पूर्ण स्पष्टीकरण देना उनके लिए संभव नहीं है। ऋचा ने चीफ प्रॉक्टर से शिकायती पत्र की प्रति मांगी है ताकि वह अविलंब स्पष्टीकरण दे सकें।