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एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती से संबंधित खबरें

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सामान्य अध्ययन के सवाल तय करेंगे भविष्य
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- अभ्यर्थियों को अपने-अपने विषय के पेपर लगे औसत
- निगेटिव मार्किंग होने से उलझ गए ज्यादातर परीक्षार्थी
इलाहाबाद। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों को अपने-अपने विषय के पेपर औसत लगे, लेकिन सामान्य अध्ययन के पेपर ने ज्यादातर परीक्षार्थियों को उलझा कर रख दिया। ऐसे में परीक्षार्थियों का भविष्य अब सामान्य अध्ययन के सवाल ही तय करेंगे। पेपर दो घंटे का था और इस दौरान 150 सवालों के जवाब देने थे, लेकिन निगेटिव मार्किंग होने से अभ्यर्थियों को मिला वक्त कम लगा और जवाब काफी सोच-समझकर देना पड़ा।
इलाहाबाद में केवल हिंदी विषय में महिला अभ्यर्थियों के लिए केंद्र बनाए गए थे। 144 केंद्रों में परीक्षा देने के लिए 65 हजार 798 महिला अभ्यर्थी पंजीकृत थीं। इनमें से 54.45 फीसदी अभ्यर्थी उपस्थित रहीं। गुरु माधव प्रसाद शुक्ला इंटर कॉलेज, झलवा में परीक्षा देने गईं महिला अभ्यर्थी अनुपमा, सुनीता यादव और गायत्री शुक्ला ने बताया कि हिंदी विषय का पेपर औसत था। सवाल ठीक थे, लेकिन सामान्य अध्ययन का पेपर काफी कठिन लगा। ज्यादातर सवाल घुमाकर पूछे गए थे। सीधे-सपाट सवाल कम आए। निगेटिव मार्किंग भी थी। ऐसे में सवालों का जवाब बहुत सोच-समझकर देना पड़ रहा था। अल्लापुर, शिवनगर कॉलोनी में रहने वाली प्रतिभा श्रीवास्तव का सेंटर लखनऊ में था। उनका विषय सामाजिक विज्ञान था। उन्हें भी अपने विषय का पेपर औसत लगा, लेकिन सामान्य अध्ययन के सवालों ने उलझा दिया। वहीं, चकराना तिवारी बाल विकास इंटर कॉलेज, नैनी में परीक्षा देने गईं अलका सिंह को भी सामान्य अध्ययन के सवालों ने परेशान किया, जबकि हिंदी विषय का पेपर सामान्य लगा।
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दो घंटे के पेपर में कुल 150 सवाल थे। इनमें 30 सवाल सामान्य अध्ययन और 120 सवाल विषय से संबंधित थे। गलत जवाब पर निगेटिव मार्किंग के रूप में एक तिहाई नंबर काटे जाने थे। ऐसे में तुक्केबाजी अभ्यर्थियों पर भारी पड़ सकती थी। इसके अलावा विज्ञापन जारी करते वक्त ही उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने यह शर्त लागू कर दी थी कि एससी-एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों को न्यूनतम 30 फीसदी और अन्य श्रेणी के अभ्यर्थियों को न्यूनतम 40 फीसदी अंक अर्जित करने होंगे। इससे कम अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को अपात्र मानते हुए सूची से बाहर कर दिया जाएगा। ऐसे में परीक्षार्थियों पर चौतरफा दबाव था। अभ्यर्थियों का कहना है कि जिसने सामान्य अध्ययन का पेपर ठीक से हल किया होगा, उसके चयन की संभावना अधिक है। सामान्य अध्ययन का पेपर स्तरीय था और तकरीबन हर विषय से सवाल पूछे गए।
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