अतीक समर्थक सकते में, फिर से कार्रवाई का डर
सड़क पर खुल कर आ गए थे समर्थक
त्रिलोकी यादव
इलाहाबाद। अतीक अहमद की हार ने उनके समर्थकों को मायूस कर दिया है। पुलिस ने जिस तरह अतीक गुट के खिलाफ कार्रवाई की थी। उनके तमाम समर्थकों को अलग अलग माफिया लिस्ट में डाला गया था। अतीक के नामांकन के बाद स्थितियां काफी बदल गई थीं। उनके समर्थकों ने सड़कों पर खुलकर समर्थन का इजहार किया था। बड़ी बड़ी गाड़ियां सड़कों पर घूम रही थीं। राजनीतिक परिस्थितियों के कारण उस वक्त पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी लेकिन समर्थकों के मन में फिर से कार्रवाई का डर सता रहा है।
पिछले साल मार्च में भाजपा सरकार बनने के बाद पुलिस ने जिले में सबसे सख्त कार्रवाई अतीक अहमद गिरोह, समर्थकों और करीबियों पर हुई थी। पुलिस ने भू माफिया, खनन माफिया, वन माफिया समेत तमाम सूचियों में अतीक के करीबियों के खिलाफ जमकर कार्रवाई की। तमाम पुराने मुकदमे खोले गए। शुआट्स में मारपीट के मामले में अतीक जेल चले गए और अशरफ फरार हो गए। इसके बाद समर्थक पूरी तरह से बैकफुट पर आ गए थे। तमाम लोग शहर छोड़कर चले गए थे। फूलपुर उपचुनाव में अचानक अतीक के चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद स्थिति फिर से बदलने लगी। लोग कहने लगे कि अतीक अहमद को सत्ताधारी पार्टी का आशीर्वाद है। इसके बाद उनके समर्थक फिर से दिखने लगे। न सिर्फ समर्थक बल्कि बड़ी बड़ी मंहगी गाड़ियां भी शहर की सड़कों पर दौड़ने लगीं। जो करीबी भागे हुए थे, वे सब खुलकर अतीक के समर्थन में उतर गए। चुनाव प्रचार के दौरान तमाम ऐसे लोग भी खुलेआम दिखे जिनके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट था। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन तो समर्थक सीधे पुलिस से ही भिड़ गए थे। अब उनकी हार के बाद समर्थकों में एक बार फिर से मायूसी है। उन्हें डर सता रहा है कि कहीं पुलिस फिर से उनके खिलाफ कार्रवाई न शुरू कर दे। हार की खबर के बाद से उनके करीबियों का इलाहाबाद से जाना शुरू हो गया है।