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व्यावसायिक ट्रेड में प्रवेश नहीं ले रहे विद्यालय

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व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश नहीं ले रहे विद्यालय
0 प्रदेशभर में चयनित हैं 892 शासकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय
0 व्यावसायिक शिक्षा पर सरकार गंभीर, डीआईओएस को सख्त कदम उठाने के निर्देश
विजय सक्सेना
इलाहाबाद। प्रदेश के काफी माध्यमिक विद्यालयों के प्रबंधन व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने में रुचि नहीं ले रहा है। इन विद्यालयों में विद्यार्थियों का व्यावसायिक शिक्षा के ट्रेडों में जानबूझ कर प्रवेश नहीं लिया जा रहा है। विद्यालयों के प्रधानाचार्य इन ट्रेडों की उपेक्षा कर रहे हैं, जिसकी वजह से उसमें विद्यार्थियों की संख्या वर्षवार कम होती जा रही है। प्रदेश सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है। प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को इसके लिए सख्त कदम उठाने का निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश के 892 शासकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा योजना के तहत विभिन्न ट्रेडों की पढ़ाई होती है। इसके पीछे कारण यह है कि व्यावसायिक शिक्षा ग्रहण कर युवा स्वावलंबी बन सके लेकिन कुछ विद्यालयों के प्रधानाचार्य सरकार की इस योजना का पलीता लगा रहे हैं। इस संबंध में शिक्षा निदेशालय को लगातार शिकायत भी मिल रही है। हालत यह है कि जिन ट्रेडों में विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है, उसे बंद करके विद्यार्थियों को अन्य विषयों में समायोजित तक किया जा रहा है।
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प्रधानाचार्यों की इस हरकत को शासन से बेहद गंभीरता से लिया है। शिक्षा निदेशक अमर नाथ वर्मा ने प्रदेश भर के सभी डीआईओएस निर्देश दिया है कि चयनित विद्यालयों में संचालित विभिन्न ट्रेडों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाएं। इसके लिए प्रधानाचार्यों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं और उनका उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाए।
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ट्रेडों में होने चाहिए कम से कम 25 छात्र
इलाहाबाद। व्यावसायिक शिक्षा योजना के तहत संचालित हो रहे ट्रेडों के लिए सरकार ने विद्यार्थियों की संख्या भी तय कर रखी है। प्रत्येक ट्रेड में कम से कम 25 विद्यार्थी या विशेष परिस्थितियों में 10 विद्यार्थी होने चाहिए।
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विद्याथियों में उपकरण, वर्क शेड भी है व्यवस्था
इलाहाबाद। चयनित विद्यालयों में सरकार की ओर से विभिन्न ट्रेडों के लिए उपकरण और वर्क शेड की भी व्यवस्था की गई है। बावजूद इसके कुछ विद्यालयों के प्रधानाचार्य स्वीकृत ट्रेडों में विद्यार्थियों का प्रवेश नहीं ले रहे हैं।
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इन ट्रेडों में होती है पढ़ाई
फल एवं खाद्य संरक्षण, पाक शास्त्र (कुकरी), परिधान रचना एवं सज्जा, धुलाई तथा रंगाई, बेकिंग तथा कंफेक्शनरी, टेक्सटाइल डिजाइन, बुनाई तकनीक, नर्सरी शिक्षण का प्रशिक्षण एवं शिक्षु प्रबंध, पुस्तकालय विज्ञान, बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्मिक मेडिकल लेबोरेटरी तकनीक, रंगीन फोटोग्राफी, रेडियो एवं रंगीन टेलीविजन, आटोमोबाइल्स, मधुमक्शी पालन, डेरी प्रौद्योगिकी, रेशम कीट पालन, बीजोत्पादन प्रौद्योगिकी, फसल सुरक्षा सेवा, पौधशाला, भूमि संरक्षण, एकाउंटेंसी एवं अंकेक्षण, बैंकिंग, आशुलिपि एवं टंकण-हिन्दी तथा अंग्रेजी, सचिवीय पद्धति, टंकण हिन्दी एवं अंग्रेजी, मुद्रण, कंप्यूटर तकनीक एवं मेंटेनेंस आदि।
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‘व्यावसायिक शिक्षा के लिए चयनित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पत्र जारी किया जा रहा है। उन्हें ट्रेडों में हर हाल में प्रवेश लेना होगा। अन्य विद्यार्थियों को इसके लिए प्रोत्साहित भी करना होगा। इसके लिए विद्यालयों में शिक्षकों के साथ मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।’ राम नारायण विश्वकर्मा, डीआईओएस
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