लोक सेवा आयोग में पूंछताछ कर लौटी सीबीआई टीम
0 जांच को आई टीम अपने साथ ले गई महत्वपूर्ण कागजात
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्तियों की जांच कर रही सीबीआई टीम एक बार फिर से शिकायत कर्ताओं से पूंछताछ और महत्वपूर्ण कागजात लेकर दिल्ली लौट गई। 27 फरवरी को लोक सेवा आयोग आई जांच टीम का नेतृत्व एडिशनल एसपी सीबीआई चंद्रदीप कर रहे थे। उनके साथ जांच टीम में सात डिप्टी एसपी भी शामिल रहे। जांच टीम की ओर से सबसे महत्वपूर्ण एपीएस भर्ती की छानबीन की जिम्मेदारी अलग से तीन डिप्टी एसपी को सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त जांच टीम में शामिल अन्य अधिकारियों के पास अलग-अलग परीक्षाओं की जांच थी।
एडिशनल एसपी सीबीआई के नेतृत्व में आई जांच टीम के लौट जाने के बाद भी सीबीआई के कुछ सदस्य अभी प्रयागराज में हैं। जांच टीम एपीएस भर्ती 2010 से संबंधित कुछ कागजात दिल्ली ले गई जबकि अभी कुछ ले जाना बाकी है। 27 फरवरी से चार मार्च के बीच जांच टीम ने राजस्व निरीक्षक परीक्षा सहित कई अन्य भर्तियों के शिकायत कर्ताओं के बयान लिए। इसके साथ पीसीएस-2015, 2011, राजस्व निरीक्षक-2014 एवं एपीएस भर्ती 2010 का बयान ऑन रिकार्ड ले गए। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई टीम एपीएस भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा दे चुके सभी आवेदकों के कंप्यूटर प्रमाण पत्रों की सूची बनाकर विशेषज्ञ समिति के जरिए स्क्रूटनी करा चुकी है। वहीं सीबीआई आयोग की ओर से 2015 में दोबारा तैयार आवेदकों की नई सूची अपने साथ ले गई। इस सूची का भी स्क्रूटनी कराए जाने की संभावना है। जांच के दौरान सीबीआई टीम ने 237 चयनित अभ्यर्थियों के शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन किया था, जिसमें कंप्यूटर प्रमाण पत्र की छाया प्रतियां प्राप्त की गई थीं। सीबीआई टीम ने आयोग की ओर से शासन को भेजे गए चयनितों के प्रमाणपत्र की जानकारी मांगी है। संभव है आगे उनकी सूची का मिलान किया जाए।