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स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के कार्य पर रोक लगाने से इंकार
0 मास्टर सिस्टम इंट्रीग्रेटर का ठेका एल एंड टी कंपनी को देने को चुनौती
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत मास्टर सिस्टम इंट्रीग्रेेटर लगाने का ठेका एल एंड टी कंपनी को दिए जाने के निर्णय पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने इस मामले में नगर निगम और प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। याचिका पर जनवरी में सुनवाई होगी। एल एंड टी को मिले ठेके को तीन कंपनियों ने चुनौती दी थी, जिनको स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट आने से पूर्व चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल और सीसीटीवी कैमरे लगाने के ठेके दिए गए थे।
मेसर्स आर्क मीडिया, जागरण एंगेज कंपनी और ट्रैफिक मीडिया इंडिया लिमिटेड की याचिका पर न्यायमूर्ति एसके गुप्ता और न्यायमूर्ति मंजूरानी चौहान की पीठ ने सुनवाई की। याचिका में कहा गया कि नगर निगम ने 2010 में इन तीनों कंपनियों से अनुबंध किया था, जिसमें आर्क मीडिया को दस चौराहों, जागरण एंगेज को 13 और ट्रैफिक मीडिया को 22 चारौहों पर सौर उर्जा/हाईब्रिड आटोमैटिक सिग्नल के साथ क्लोज सर्कि ट कैमरे लगाने थे। मगर बीच में अचानक नियमों में बदलाव करते हुए नया टेंडर निकाल कर काम का ठेका एल एंड टी कंपनी को दे दिया गया। याचीगण का कहना था कि उनका अनुबंध रद्द किए बिना नया करार नहीं किया जा सकता है। एल एंड टी का ठेका रद्द करने की मांग की गई।
याचिका का विरोध कर रहे इलाहाबाद स्मार्ट सिटी कंपनी लिमिटेड के अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने कहा कि याचीगण ने अपने अनुबंध के तहत कोई काम नहीं कराया, जिसकी वजह से उनको कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। 25 जून 2015 को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट लांच हुआ और इलाहाबाद (अब प्रयागराज) तीसरे चरण में स्मार्ट सिटी के लिए चयनित हो गया। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद इलाहाबाद स्मार्ट सिटी कंपनी लिमिटेड का गठन हुआ जिसके चेयरमैन कमिश्नर हैं और सीईओ नगर आयुक्त, एडीए उपाध्यक्ष कंपनी के निदेशक हैं। कंपनी ने स्मार्ट सिटी योजना के तहत इंट्रीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम लगाने का निर्णय लिया। 11 अप्रैल 2018 में इसके लिए टेंडर निकाला गया। याची कंपनियों ने टेंडर प्रक्रिया में भाग नहीं लिया। जिन कंपनियों ने टेंडर डाला था, उनमें से एल एंड टी को इस काम के लिए चुना गया है।
अधिवक्ता की दलील थी कि यदि मौजूदा समय में जारी कार्यों पर रोक लगाई जाती है तो उससे कुंभ से जुड़े काम भी बुरी तरह से प्रभावित होंगे और सारा प्रोजेक्ट रुक जाएगा। कोर्ट ने स्थगन आदेश देने से इंकार करते हुए सभी पक्षकारों से जवाब मांगा है। याचिका पर अगली सुनवाई सात जनवरी को होगी।
क्या है इंट्रीग्रेटेड कमांड सिस्टम
प्रयागराज। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में स्थापित किया जा रहा इंट्रीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सिस्टम एक अत्याधुनिक तकनीक है। इस तकनीक के तहत एक मार्डन कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा जिसके जरिए पूरे शहर की यातायात व्यवस्था पर नजर रखी जा सकेगी। यह एक ऑटोमैटिक सिस्टम है, जिसमें चौराहों की ट्रैफिक लाइट ट्रैफिक के दबाव के अनुसार स्वत: संचालित होती है। सभी चौराहों के सिग्नल आपस में जुड़े होंगे। इतना ही नहीं, रेड लाइट क्रास करने पर यह सिस्टम अपने आप वाहन का नंबर पढ़कर चालान कर देगा, जिसकी सूचना तत्काल वाहन स्वामी के मोबाइल नंबर पर पहुंच जाएगी। अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने बताया कि एक ही कंट्रोल रूम से शहर के यातायात, पार्किं ग, पर्यावरण, नेटवर्किंग और आपदा प्रबंधक के कार्यों का संचालन हो सकेगा।