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एठु की किशोरी हॉकी ने रोशन कर रही नाम

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ऐंठू की किशोरी जूनियर हॉकी में कर रही देश का नाम रोशन
अब तक 100 से अधिक मैच खेले, गांव में दी जा रही है मिसाल
विजय किशोर अग्रहरि
परियावां। क्षेत्र की एक किशोरी हाकी में पूरे देश का नाम रोशन कर रही है। उसकी प्रतिभा के कायल उसके सीनियर भी हो गए हैं। अभावों से जूझकर खेल में अपनी रुचि दिखाने वाली इस बाला के नाम के चर्चे अब विदेशों में भी हैं।
कालाकांकर विकास खंड के ऐंठू पश्चिम का पुरवा गांव निवासी अवधेश यादव 25 वर्ष पहले आजीविका की तलाश में मध्य प्रदेश के इंदौर चले गए थे। वहां परिवार सहित रहने लगे। अवधेश की बड़ी बेटी आरती चिमनबाग मैदान पर हॉकी की ट्रेनिंग करने जाती थी। एक बार उसके साथ उसकी छोटी बेटी प्रियंका भी मैदान पर गई। वहां हो रहे खेल को देखने के बाद उसने भी खेलने में रुचि दिखाई। पहली ही बार में उसका खेल देख कोच ताहिर और किशोर शुक्ला ने उसे स्टिक, टी-शर्ट, जूते-मोजे दिए। इससे उसका मन लग गया।
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चार साल पूर्व लगातार जब उसने खेल शुरू किया तो उसका चयन भारत की जूनियर हॉकी टीम में हो गया। इसके बाद उसने सब जूनियर, जूनियर में 100 से अधिक मैच खेले। उसने इंग्लैंड, नीदरलैंड की राजधानी एम्सटर्डम, लंदन जैसी जगहों पर खेला। उसने जूनियर में पहले और गोल्ड और बाद में सिल्वर मेडल भी टीम को दिलाया। उसने विदेशी धरती पर कई गोल भी किए हैं। प्रियंका ने देश भर की 80 जूनियर महिला खिलाड़ियों को पछाड़ते हुए 17 जूनियर खिलाड़ियों की राष्ट्रीय टीम में अपना स्थान बना लिया है। राइट हॉफ खेलने वाली यानी गेंद छीनने का प्रयत्न करने वाली प्रियंका के पिता अवधेश यादव ने अमर उजाला को बताया कि भारतीय हॉकी टीम की सीनियर खिलाड़ी रानी खोकर ने 4-5 वर्षों में उसके सीनियर टीम का हिस्सा बन जाने की उम्मीद जताई है। फिलहाल उसकी उपलब्धियों से गांव के लोगों में पहले से ही दीवाली मन रही है।
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