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आरओ, एआरओ भर्ती आदेश वापस लेने की मांग करेगा आयोग

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आदेश वापस लेने को हाईकोर्ट
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पहुंचा लोक सेवा आयोग
आरओ, एआरओ की प्रतीक्षा सूची जारी करने का मामला
कोर्ट में दी है आदेश वापस लेने की अर्जी
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। लोक सेवा आयोग ने आरओ, एआरओ भर्ती मेें प्रतीक्षा सूची जारी करने संबंधी आदेश को वापस लेने के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दी है। आयोग का कहना है कि हाईकोर्ट प्रतीक्षा सूची देने संबंधी आदेश एक खंडपीठ से रद्द हो चुका है। इसलिए अन्य दो मामलों में कोर्ट द्वारा दिए गए इसी प्रकार के आदेश को वापस लेने के लिए अर्जी दी गई है। अनिल कुमार और अन्य की याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति बी अमित स्थालेकर और न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की पीठ ने आयोग रिकॉल अर्जी के बारे में जानकारी देने का निर्देश देते हुए मामले की सुनवाई के लिए 20 अगस्त 2018 की तिथि नियत की है।
याची के अधिवक्ता अमित कुमार का कहना था कि आरओ, एआरओ के 433 पदों पर चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 43 पद रिक्त रह गए। इन पदों पर भर्ती के लिए आयोग ने कोई प्रतीक्षा सूची नहीं जारी की। इसके खिलाफ अभ्यर्थी हाईकोर्ट चले गए। आयोग का कहना था कि 1999 के शासनादेश में सरकार ने प्रतीक्षा सूची नहीं जारी करने का आदेश दिया है। इस शासनादेश को हाईकोर्ट ने त्रिलोकी नाथ केस में रद्द कर दिया और प्रतीक्षा सूची जारी करने का आदेश दिया। इसके बाद विनय कुमार सिंह और राकेश सिंह ने भी अलग-अलग याचिकाएं दाखिल कीं, जिनमें कोर्ट ने त्रिलोकी नाथ केस के आलोक में प्रतीक्षा सूची जारी करने का निर्देश दिया।
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11 जुलाई 2018 को इस मामले की सुनवाई के दौरान आयोग की ओर से कोई अधिवक्ता उपस्थित नहीं हुआ तो कोर्ट ने आयोग के सचिव को व्यक्तिगत रूप से तलब कर लिया। यह भी कहा कि यदि वह अधिवक्ता के जरिए जवाब दाखिल करते हैं तो हाजिर होने की आवश्यकता नहीं है। 18 जुलाई 2018 को आयोग के अधिवक्ता ने कोर्ट में उपस्थित होकर बताया कि त्रिलोकी नाथ केस का आदेश विशेष अपील में रद्द हो चुका है। चूंकि दो अन्य मामलों में भी हाईकोर्ट ने प्रतीक्षा सूची जारी करने का आदेश दिया है, इसलिए उन आदेशों को भी वापस लेने के लिए अर्जी दाखिल की गई है जिस पर अभी निर्णय होना है। कोर्ट ने इस जानकारी के बाद अग्रिम सुनवाई हेतु अगली तिथि 20 अगस्त नियत की है।
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