जज के व्यवहार से वकील नाराज, हड़ताल पर
0 प्रस्ताव पारित कर तबादले की मांग, कहा व्यवहार से वकीलों की प्रतिष्ठा को पहुंची ठेस
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
हाईकोर्ट के अधिवक्ता एक न्यायाधीश के व्यवहार से नाराज हैं। विरोध स्वरूप हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने कार्यकारिणी की आपात बैठक बुलाकर शुक्रवार को हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी है। फिलहाल, अधिवक्ता एक दिन की टोकन स्ट्राइक पर रहेंगे। कार्यकारिणी ने प्रस्ताव पारित कर न्यायमूर्ति का किसी अन्य राज्य के हाईकोर्ट में स्थानांतरण करने की मांग की है। प्रस्ताव की प्रति राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, कानून मंत्री और भारत के मुख्य न्यायाधीश को भेजी जाएगी। बार एसोसिएशन ने शुक्रवार को हाईकोर्ट गेट पर वकीलों की आम सभा बुलाई है।
मामला बृहस्पतिवार को उस समय बिगड़ा जब 482 सीआरपीसी के करीब 800 लंबित मुकदमे एक ही न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई के लिए भेज दिए गए। बार एसोसिएशन द्वारा पारित प्रस्ताव में कहा गया है कि जब अधिवक्ता अपने मुकदमों में बहस के लिए उक्त अदालत में उपस्थित हुए तो न्यायमूर्ति की ओर से सभी वकीलों के बारे में एक टिप्पणी की गई जो अधिवक्ताओं की प्रतिष्ठा और मर्यादा के प्रतिकूल थी। इससे अधिवक्ताओं में नाराजगी फैल गई और उन्होंने उक्त न्यायालय में उपस्थित होने से इनकार कर दिया।
मामले की जानकारी होने पर हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष अनिल तिवारी और वरिष्ठ उपाध्यक्ष मंगला प्रसाद त्रिपाठी ने न्यायमूर्ति से वकीलों की अनुपस्थिति में विपरीत आदेश नहीं पारित करने का अनुरोध किया। अध्यक्ष अनिल तिवारी का कहना है कि इस मामले की जानकारी मुख्य न्यायाधीश को भी दी गई है। उनसे अनुरोध किया गया है कि इतनी बड़ी संख्या में मुकदमे एक ही अदालत में स्थानांतरित न किए जाएं तथा अधिवक्ताओं की भावनाओं और सम्मान का ध्यान रखा जाए।
स्थानांतरण की मांग
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन 10 फरवरी 2015 को पारित प्रस्ताव को ही पुन: पारित करते हुए उक्त न्यायमूर्ति के स्थानांतरण की मांग भी की है। 10 फरवरी 2015 का प्रस्ताव इन्हीं न्यायमूर्ति के स्थानांतरण के संबंध में पारित किया गया था।