एक माह में पॉक्सो एक्ट के 18 मामलों का निस्तारण किया गया, जबकि गिरोहबंद अधिनियम के छह वाद निस्तारित हुए। इनमें एक वाद में सजा व एक वाद में रिहाई हुई और चार वाद दाखिल दफ्तर हुए हैं। यह जानकारी जेडी अभियोजन ने सोमवार को हुई अभियोजन कार्यों
की समीक्षा बैठक में दी।
कलक्ट्रेट के संगम सभागार में एडीएम सिटी सत्यम मिश्र की अध्यक्षता में हुई बैठक में जेडी अभियोजन ने बताया कि गैंगस्टर एक्ट में थाना लालपुर में पंजीकृत मुकदमे में तीन अभियुक्तों को 10-10 वर्ष का कारावास एवं 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा कराई गई है। एडीएम सिटी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि गैंगस्टर एक्ट से संबंधित लंबित मामलों में प्रभावी व समयबद्ध पैरवी की जाए, ताकि अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो सके।
एडीएम सिटी ने कहा कि गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज प्रकरणों में साक्ष्यों का समुचित संकलन, समय पर चार्जशीट दाखिल करना और न्यायालय में मजबूत पक्ष प्रस्तुत करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अभियोजन अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पुलिस विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर प्रत्येक मामले की नियमित मॉनिटरिंग करें।
उन्होंने अपराधियों की संपत्ति जब्ती की कार्रवाई में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि गंभीर प्रकृति के मामलों में विशेष सतर्कता बरती जाए और साक्ष्यों का सुदृढ़ प्रस्तुतीकरण किया जाए, जिससे दोषियों को शीघ्र सजा दिलाई जा सके। एडीएम सिटी ने कम प्रगति वाले मामलों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने और नियमित रूप से मामलों की मॉनिटरिंग व प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।