शासन ने पीसीएस परीक्षा को विशिष्ट मानते हुए केंद्र निर्धारण प्रक्रिया में छूट दे दी है लेकिन आरओ/एआरओ परीक्षा को विशिष्टता की श्रेणी में नहीं रखा गया है। ऐसे में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) को आरओ/एआरओ परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण में चुनौती का सामना करना होगा।
पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा-2024 के लिए 5,76,154 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। इन अभ्यर्थियों की परीक्षा कराने के लिए आयोग को 1758 केंद्रों की आवश्यकता पड़ेगी। केंद्र निर्धारण प्रक्रिया में छूट मिलने से पहले आयोग ने सभी 75 जिलों केंद्र बनाने की कवायद की थी और शासन की ओर से निर्धारित मानक के अनुसार आयोग को 978 केंद्र ही सके थे, जिनमें 4,35,074 अभ्यर्थियों की परीक्षा ही कराई जा सकती थी।
शासन की ओर से जून-2024 में जारी गाइडलाइन में स्पष्ट किया गया था कि पांच लाख से अधिक अभ्यर्थी होने पर परीक्षा एक से अधिक पालियों में कराई जाएगी। हालांकि, पीसीएस परीक्षा को विशिष्ट मानते हुए इस अनिवार्यता से अलग रखा गया था लेकिन केंद्र निर्धारण की नीति को इतना सख्त कर दिया गया कि आयोग को पर्याप्त संख्या में केंद्र ही नहीं मिले और पीसीएस परीक्षा दो दिन में कराने का निर्णय लेना पड़ा।
अब अभ्यर्थियों के आंदोलन के बाद आयोग ने जब एक दिन में परीक्षा कराने का निर्णय लिया है तो पीसीएस परीक्षा को विशिष्ट मानते हुए केवल इसी परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण की नीति को शिथिल किया गया है और शहर से 10 किमी के दायरे से बाहर भी परीक्षा केंद्र बनाने की छूट दे दी गई है। लेकिन शासन की जारी गाइडलाइन में आरओ/एआरओ परीक्षा विशिष्टता की श्रेणी में शामिल नहीं हैं।
ऐसे में अगर आयोग को आरओ/एआरओ परीक्षा एक दिन में करानी है तो इस परीक्षा को भी विशिष्टता की श्रेणी में शामिल करते हुए केंद्र निर्धारण की नीति को शिथिल करना होगा। आरओ/एआरओ परीक्षा के लिए 10,76,004 अभ्यर्थियों ने फॉर्म भरे हैं। जब पीसीएस परीक्षा के लिए मानक के अनुरूप केंद्र नहीं मिल रहे थे तो आरओ/एआरओ परीक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में केंद्र कहां से आएंगे।
इसी को ध्यान में रखते हुए आयोग ने आरओ/एआरओ परीक्षा भी दो दिन कराने का निर्णय लिया था, जिसे अब स्थगित कर दिया गया है। अब आयोग की ओर से गठित समिति को रिपोर्ट देनी है कि परीक्षा कैसे होगी और आयोग को उस समिति की रिपोर्ट पर निर्णय लेना है। इससे पूर्व 11 फरवरी 2024 को आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2023 प्रदेश में 58 जिलों के 2387 केंद्रों में हुई थी, जो पेपर लीक के कारण स्थगित कर दी गई।
आयोग को जब पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा के लिए मानक के अनुरूप प्रदेश के सभी 75 जिलों में 4,35,074 अभ्यर्थियों के लिए केवल 978 केंद्र ही मिल सके तो आरओ/एआरओ परीक्षा के 10.76 लाख अभ्यर्थियों के लिए 2387 केंद्रों की व्यवस्था कर पाना बड़ी चुनौती होगी। अगर इतनी संख्या में केंद्र नहीं मिले तो परीक्षा दो दिन कराने के विकल्प को अपनाना ही पड़ेगा।