शिक्षामित्रों का समायोजन रद होने के बाद वेतन भुगतान पर पाबंदी लग गई, मगर अब उन्हें प्रतिमाह मानदेय भी नहीं मिल रहा है। इससे उनकी मुसीबतें बढ़ती जा रही है। ऐसा भी नहीं है कि विभाग को बजट नहीं मिला है, मगर विभाग की लापरवाही के चलते उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिले के प्राइमरी स्कूलों में तैनात शिक्षामित्रों को प्रत्येक माह मानदेय भुगतान करने का वादा पूरा नहीं हो पा रहा है। जब भी शिक्षामित्र आंदोलन की राह अख्तियार करते हैं, तो विभागीय अधिकारी प्रत्येक माह मानदेय भुगतान होने का आश्वासन देेते हैं। मगर यह दुर्भाग्य ही है कि नियमित रुप से मानदेय का भुगतान नहीं हो पा रहा है। प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के मीडिया प्रभारी प्रदीप पांडेय ने बताया कि मार्च, अप्रैल और मई माह का मानदेय विभाग में डंप है। मगर कर्मचारियों की लापरवाही के चलते भुगतान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बीएसए से मिलकर चेताया है कि अगर एक सप्ताह के अंदर मानदेय भुगतान नहीं हुआ, तो कार्यालय का घेराव किया जाएगा।