अब मिलेगी बालू पर बढ़ेंगे दाम
0 एक अक्तूबर से शुरू होगा खनन, सीज बालू की नीलामी भी चार को
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
बालू संकट अगले महीने से दूर होने की उम्मीद है। एक अक्तूबर से खनन शुरू हो जाएगा। इसके अलावा सीज बालू की नीलामी भी चार अक्तूबर को होगी। इतना ही नहीं नए सिरे से पट्टे के लिए ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। ऐसे में दावा किया जा रहा है कि अब बालू की कमी नहीं होगी। हालांकि, सरकार ने रायल्टी आदि की दर बढ़ा दी है। ऐसे में बढ़ी कीमत से राहत की उम्मीद नहीं है।
बालू खनन पर महीनों से रोक लगी हुई है। टेंडरिंग के बाद जून में खनन शुरू हुआ, लेकिन बारिश की वजह से कुछ दिन बाद ही फिर रोक लगा दी गई। इसकी वजह से बालू का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। कई सरकारी और भवन निर्माण का काम रुक गया है। इसके अलावा बालू का अवैध कारोबार भी शुरू हो गया है। इन वजहों से बालू की पांच गुना से भी अधिक कीमत वसूली जा रही है। जिला खान अधिकारी बीपी यादव ने बताया कि एक अक्तूबर से खनन शुरू होने के बाद बालू कमी की समस्या दूर हो जाएगी। आगे भी बालू की कमी नहीं होगी।
50 हजार ट्रक से अधिक बालू होगी नीलाम
अवैध खनन और व्यापार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए प्रशासन की ओर से अलग-अलग जगहों पर लाखों टन बालू सीज की गई है। बारा में डंप 512164 घनमीटर (50 हजार ट्रक से अधिक) बालू की चार अक्तूबर को नीलामी होगी। चार अन्य स्थानों पर भी बालू सीज है। उनकी भी जल्द नीलामी होगी।
खनन का बढ़ा दायरा
बालू खनन का दायरा बढ़ गया है। पिछली बार मात्र 23 स्थानों से बालू खनन के लिए टेंडर हुआ था। इसमें भी एक स्थान पर अलग-अलग कई केंद्र निर्धारित कर पट्टे दिए गए, लेकिन टेंडरिंग प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब एक गांव को आधार बनाकर बालू खनन के केंद्र तय किए गए हैं। संबंधित सभी केंद्र उनमें शामिल कर लिए गए हैं। इस तरह के कुल 51 केंद्र बनाए गए हैं, जहां से बालू खनन होगा। इस तरह से खनन के लिए क्षेत्र काफी बढ़ जाएगा।
राजस्व के साथ बढ़ेगी कीमत
बालू खनन की रायल्टी, रवन्ना आदि से सरकार के राजस्व में आठ गुना तक बढ़ोतरी की उम्मीद है। पूर्व के वर्षों में सात से आठ करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त होता रहा, लेकिन इस बार तो 36 करोड़ रुपये की सरकारी बोली ही निर्धारित की गई है। जबकि, वास्तविक बोली 60 करोड़ रुपये तक लगने की उम्मीद है। इस तरह से सरकार का खजाना भरेगा, लेकिन इसकी कीमत आम लोगों को चुकानी होगी। इसकी वजह से बालू की उपलब्धता के बाद भी दाम में कमी की उम्मीद नहीं है। खनन का पुराना पट्टा नवंबर में खत्म होगा। इसके मद्देनजर टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि, टेंडर तथा अन्य प्रक्रिया के बाद फरवरी तक नया पट्टा हो जाएगा। इस दौरान पहले से जमा बालू की बिक्री की जाएगी।