हाईकोर्ट में भूमिगत पार्किंग के लिए डीपीआर बनाने का निर्देश
0 मुख्य सचिव को कोर्ट ने दिया निर्देश, पोलो ग्राउंड भी लीज पर लेने के लिए कार्यवाही शुरू करे सरकार
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
हाईकोर्ट ने पार्किंग की समस्या के मद्देनजर हाईकोर्ट क्रिकेट ग्राउंड में अंडर ग्राउंड पार्किंग बनाने के लिए मुख्य सचिव को डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि इसके लिए आवश्यक धन और कार्यदायी संस्था का नाम तय कर शीघ्र ही टेंडर जारी किया जाए। कोर्ट ने महानिबंधक से कहा है कि पार्किंग की व्यवस्था होने तक हाईकोर्ट के नजदीक स्थित पोलो ग्राउंड को लीज पर लेने हेतु रक्षा मंत्रालय से वार्ता करें। पांच साल के लिए पोलो ग्राउंड लीज पर लेने से पार्किंग और इससे लगने वाले जाम की समस्या समाप्त हो जाएगी।
समीर शंकर और सुनीता शर्मा की जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल और न्यायमूर्ति अशोक कुमार की खंडपीठ ने तीन अक्तूबर से हाईकोर्ट के पास वन वे ट्रैफिक लागू करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि मैदान के नीचे भूमिगत पार्किंग बनने से दो हजार बाइक और दो हजार कारें खड़ी की जा सकती हैं। इसके अलावा मैदान के सामने स्थित बंगले का भी सरकार ने अधिग्रहण किया है। इसमें मल्टी स्टोरी पार्किंग की व्यवस्था की जा सकती है।
याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता टीपी सिंह और वीसी श्रीवास्तव ने पक्ष रखा। नगर आयुक्त और एसपी यातायात भी सुनवाई के दौरान मौजूद थे। कोर्ट ने निर्देश दिया कि पानी की टंकी चौराहे से लेकर नवाब युसूफ रोड, चर्च होते हुए एकलव्य चौराहा और जीटी रोड तक वन वे ट्रैफिक रखा जाए। जीटी रोड पर वाहनों की पार्किंग रोकी जाए। गेट संख्या तीन के सामने न्यायमार्ग, महात्मा गांधी मार्ग और मजार के पास दो पहिया तथा चार पहिया वाहनों की पार्किंग होगी। बेतरतीब खड़े वाहनों का चालान किया जाए और नगर निगम पार्किंग की निगरानी करेगा। मामले पर अगली सुनवाई चार अक्तूबर को होगी।