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कार्यवाहक कुलपति और छात्रों के बीच मारपीट

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इलाहाबाद। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शुक्रवार को खासा बवाल हो गया। प्रदर्शन के दौरान छात्रसंघ उपाध्यक्ष के बेहोश हो जाने से छात्र भड़क उठे और कार्यवाहक कुलपति प्रो. केएस मिश्र से उनकी भिड़ंत हो गई। इस दौरान हुई मारपीट में कार्यवाहक कुलपति को मामूली चोट भी आई। उनकी तहरीर पर छात्रों के खिलाफ कर्नलगंज थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं, छात्रों ने कार्यवाहक कुलपति पर आरोप लगाया है कि मारपीट उन्होंने की और एक छात्र के प्रति जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। छात्रों ने भी उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाने में तहरीर दी है।
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कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू शहर से बाहर हैं। उनका चार्ज डीन आर्ट्स प्रो. केएस मिश्र के पास है। छात्रसंघ उपाध्यक्ष अदील हमजा के निलंबन के खिलाफ छात्र शुक्रवार को कुलपति कार्यालय में प्रदर्शन कर रहे थे। इसी बीच छात्रसंघ उपाध्यक्ष अदील हमजा बेहोश हो गए। छात्रों ने कार्यवाहक कुलपति को फोन मिलाया तो उन्होंने बताया कि वह डीन ऑफिस की ओर जा रहे हैं और प्राचीन इतिहास विभाग के पास हैं। इस पर कला संकाय प्रतिनिधि चंद्रशेखर चौधरी, छात्र नेता आनंद सिंह, विक्रांत सिंह, रुद्र पांडेय प्राचीन इतिहास विभाग के पास पहुंचे और कार्यवाहक कुलपति प्रो. केएस मिश्र को घेर लिया। वहां दोनों पक्षों में भिड़ंत हो गई। पहले धक्कामुक्की हुई और उसके बाद मारपीट। इसमें कार्यवाहक कुलपति के हाथ में चोट आ गई।

कार्यवाहक कुलपति ने छात्रों के खिलाफ दी तहरीर में आरोप लगाया है कि छात्र नेता आनंद कुमार सिंह, विक्रांत सिंह, नीरज प्रताप सिंह, अंकुश यादव समेत 30-35 छात्रों ने अपशब्द का इस्तेमाल करते हुए उनपर हमला किया। बचाव में उन्होंने अपना हाथ ऊपर उठाया तो हाथ में चोट आ गई। छात्र जबर्दस्ती कुलपति दफ्तर की ओर ले जाने लगे तो अरबी फारसी विभाग के पास छात्रनेता सूर्य प्रकाश मिश्र और विवेकानंद पाठक समेत कुछ लोगों ने घेर लिया और बहस करने लगे। इस बीच पुलिस के पहुंचने पर वह भीड़ से सुरक्षित बाहर निकल सके। उधर, छात्रों का आरोप है कि उपाध्यक्ष के बेहोश हो जाने पर उन्होंने प्राचीन इतिहास विभाग के पास कार्यवाहक कुलपति से वीसी दफ्तर चलकर ज्ञापन लेने और छात्रनेता को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था करने को कहा लेकिन उन्होंने दलित छात्र चंद्रशेखर चौधरी के प्रति जातिसूचक शब्दों को इस्तेमाल किया और छात्रों से मारपीट की।
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ऑटा और छात्रसंघ आमने-सामने
0 अध्यापक शिक्षक संघ ने की हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग
0 छात्रों ने भी कार्यवाहक कुलपति पर लगाए कई गंभीर आरोप
इलाहाबाद। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हुई घटना के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय अध्यापक संघ (ऑटा) और छात्रसंघ आमने सामने आ गए हैं। ऑटा के प्रतिनिधियों ने कार्यवाहक कुलपति से मारपीट करने वाले छात्रों की गिरफ्तारी की मांग की है।
ऑटा ने कार्यवाहक कुलपति प्रो. केएस मिश्र के साथ हुई मारपीट की कड़े शब्दों में निंदा की है और चेतावनी दी है कि जो लोग इलाहाबाद विश्वविद्यालय के गौरवमयी इतिहास को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं, उनका कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। परिसर में इस प्रकार की घटना को सहन नहीं किया जाएगा। ऑटा के प्रतिनिधियों ने हमलावरों को तत्काल गिरफ्तार किए जाने की मांग की है। वहीं, ऑटा के अध्यक्ष प्रो. रामसेवक दुबे का कहना है कि कुछ अराजकतत्वों ने विश्वविद्यालय में अनुशासनहीनता की सभी हदें पार कर दी हैं। अगर प्रशासन शिक्षकों को सुरक्षा मुहैया नहीं कराता है तो वे भी आंदोलन करेंगे। उधर, प्रदर्शन में शामिल रहे छात्रसंघ प्रतिनिधियों का कहना है कि पुलिस को छात्रों की तहरीर पर भी एफआईआर दर्ज करनी होगी। मामले को लेकर छात्र एससी-एसटी आयोग जाएंगे। प्रदर्शन में छात्रसंघ उपाध्यक्ष अदील हमजा, छारत्र नेता अखिलेश गुप्ता, विवेकानंद पाठक, सुफियान, विक्रांत सिंह, आनंद सिंह, उदय यादव, अवनीश यादव, अंकित सिंह, ऋषभ यादव, नीरज प्रताप सिंह, हरिनाम सिंह, सूर्य प्रकाश मिश्र, सद्दाम अलीर, अमरीश यादव, जुबैद अहमद, राघवेंद्र यादव, अरविंद सरोज, निर्भय द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
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