165 lawsuits disposed of by the special court in 11 months
- फोटो : amar ujala
स्पेशल कोर्ट ने 11 महीने में निपटाए माननीयों के 165 मुकदमे
राज्यसभा में उठे सवाल का भेजा गया जवाब, सांसदों, विधायकों पर यूपी में लंबित हैं 1162 मुकदमे
प्रयागराज। माननीयों के खिलाफ लंबित आपराधिक मुकदमों की सुनवाई के लिए गठित स्पेशल कोर्ट (एमपीएमएलए) ने 11 माह में सांसदों, विधायकों के 156 मुकदमों का निस्तारण कर दिया है। जबकि स्पेशल कोर्ट में यूपी के सांसदों, विधायकों पर फिलहाल 1162 मुकदमे लंबित हैं। इनके अलावा विशेष अदालत हर दिन बड़ी संख्या में जमानत प्रार्थना पत्रों, निगरानी अर्जियों और वारंट निरस्त किए जाने की अर्जियों का शीघ्र निस्तारण कर रही है। राज्यसभा में उठाए गए एक प्रश्न के जवाब में यह जानकारी विशेष न्यायालय द्वारा हाईकोर्ट को भेजी गई है।
हाईकोर्ट ने 21 अगस्त 2018 को विशेष नोटिफिकेशन के द्वारा स्पेशल कोर्ट (एमपीएमएलए) का गठन किया था और पवन कुमार तिवारी को स्पेशल कोर्ट का जज नियुक्त किया। स्पेशल कोर्ट जिला न्यायालय परिसर में स्थापित है। कोर्ट का क्षेत्राधिकार संपूर्ण उत्तर प्रदेश के एमपी, एमएलए के खिलाफ लंबित आपराधिक मुकदमों के निस्तारण का है। कोर्ट के गठन के बाद अब तक 1418 मुकदमों की पत्रावलियां विभिन्न जिलों से अंतरित होकर सुनवाई के लिए आई है। जिसमें स्पेशल कोर्ट ने अब तक 156 मुकदमों का निस्तारण किया है। 1262 मुकदमे जून माह तक लंबित है। जिसकी सुनवाई की जा रही है। स्पेशल कोर्ट के कामकाज और मुकदमों के निस्तारण किए जाने को लेकर राज्यसभा में पूछे गए प्रश्न पर 26 जून को सुनवाई होनी है।