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प्रतियोगियों ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की कैविएट

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प्रतियोगियों ने सुप्रीमकोर्ट में दाखिल किया कैविएट
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0 छात्रों को आशंका, परिणाम संशोधन के मसले पर सुप्रीम कोर्ट जा सकता है आयोग
0 यूपीपीएससी की ओर से निर्णय न लिए जाने पर प्रतियोगियों के बीच बढ़ा असमंजस
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा-2017 के परिणाम संशोधन को लेकर बढ़े रहे असमंजस के बीच प्रतियोगियों ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल कर दिया है। प्रतियोगियों को आशंका है कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) इस मसले पर हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीमकोर्ट में चुनौती दे सकता है। ऐसे में प्रतियोगी कोई मौका नहीं छोड़ना चाहते। उनकी मंशा है कि आयोग सुप्रीमकोर्ट जाता है तो प्रतियोगियों को भी अपना पक्ष रखने का मौका मिले।
हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि पीएसी प्रारंभिक परीक्षा के एक प्रश्न को डिलीट कर और दो सवालों के जवाब बदलकर संशोधित परिणाम जारी किया जाए। अब आयोग को तय करना है कि वह संशोधित परिणाम जारी करेगा या सुप्रीमकोर्ट में हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देगा। आयोग ने अब तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है। ऐसे में चर्चा है कि आयोग सुप्रीमकोर्ट में एसएलपी दाखिल कर सकता है। इस आशंका पर प्रतियोगियों ने सुप्रीमकोर्ट में कैविएट दाखिल किया है, ताकि आयोग की ओर से एसएलपी दाखिल होने पर प्रतियोगी सुप्रीमकोर्ट में अपना पक्ष रख सकें।
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इससे पहले पीसीएस परीक्षा-2016 में भी प्रश्नों को लेकर विवाद हुआ था। प्रतियोगियों की आपत्ति पर हाईकोर्ट ने विशेषज्ञों से इसकी जांच कराई थी। आपत्ति सही पाए जाने पर चार प्रश्नों को डिलीट किया गया था और एक प्रश्न के दो वैकल्पिक उत्तरों को सही मानते हुए प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम संशोधित करने का आदेश दिया गया था। आयोग ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीमकोर्ट में एसएलपी दाखिल की थी और सुप्रीमकोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी।
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