यूपी बोर्ड: नौवीं में प्रारंभिक गणित खत्म
0 अब सिर्फ गणित पढ़ेंगे विद्यार्थी, एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू होने के बाद परिवर्तन
0 छात्राओं के लिए गणित अथवा गृह विज्ञान में से किसी एक को चुनने का रहेगा विकल्प
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के विद्यालयों में नौवीं के छात्र-छात्राओं को अब प्रारंभिक गणित नहीं पढ़ना पड़ेगा। अप्रैल से शुरू हो रहे सत्र में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू होने के बाद सरकार ने प्रारंभिक गठित को खत्म कर दिया है। अब विद्यार्थी सिर्फ गणित विषय पढ़ेंगे। वहीं छात्राओं के लिए गणित अथवा गृह विज्ञान में से किसी एक विषय को चुनने का विकल्प पूर्व की भांति रहेगा। सरकार के इस फैसले पर बुधवार को राज्यपाल की मुहर लग गई।
अभी तक विद्यार्थियों के लिए नौवीं एवं 10वीं में गणित एवं प्रारंभिक गणित अनिवार्य विषय के रूप में निर्धारित था। विद्यार्थियों को इसमें से किसी एक को चुनना पड़ता था, जबकि छात्राओं के लिए गृह विज्ञान भी विकल्प के रूप में है। प्रारंभिक गणित सामान्य स्तर की होती है, जबकि गणित में काफी विस्तार होता है। एनसीआईआरटी के पाठ्यक्रम में गणित सिर्फ एक विषय के रूप में है। अप्रैल से शुरू हो रहे नए सत्र में नौवीं के विद्यार्थियों को प्रारंभिक गणित नहीं पढ़ना होगा। उनके लिए गणित विषय होगा। इसके लिए परिषद विनियमों के अध्याय तेरह (हाईस्कूल परीक्षा) के विनियम-1 (तीन) में संशोधन किया गया है। राज्यपाल की अनुमति मिलने के बाद उप सचिव शासन संतोष कुमार रावत ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिया। नौवीं के विद्यार्थी 2018 के सत्र में गणित विषय पढ़ेंगे और 2020 में हाईस्कूल में इस विषय की परीक्षा देंगे।
वर्ष 2019 में गणित, प्रारंभिक गणित की होगी परीक्षा
यूपी बोर्ड इस सत्र में नौवीं में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के तहत गणित विषय लागू कर रहा है। ऐसे में इस बार 10वीं के विद्यार्थी गणित और प्रारंभिक गणित की पढ़ाई करेंगे और 2019 की बोर्ड परीक्षा में गणित के दोनों प्रश्नपत्रों की परीक्षा होगी।
वर्ष 2020 में होगी हेल्थ केयर विषय की बोर्ड परीक्षा
इलाहाबाद। व्यावसायिक शिक्षा को बढ़वा देने के लिए यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में हेल्थ केयर, आटोमोबाइल्स, आईटी/आईटीईएस, रिटेल ट्रेडिंग एवं सुरक्षा विषय ट्रेड के रूप में शामिल किया है। नए शैक्षिक सत्र में नौवीं एवं 11वीं में छात्र-छात्राएं इनमें से किसी एक को वैकल्पिक विषय के रूप में चुन सकेंगे। पहली बार शामिल हुए हेल्थ केयर ट्रेड का पाठ्यक्रम तैयार करने पर काम शुरू होने जा रहा है। इसके लिए जल्द वर्कशाप भी होगी। बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव का कहना है कि अप्रैल से शुरू हो रहे सत्र में इसे लागू किया जाना है, सो इसका पाठ्यक्रम जल्द तैयार कराया जाएगा।