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शिक्षा निदेशालय कर्मचारी मिनिस्टिरीयल चुनाव

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चुनौती बना शिक्षा निदेशालय मिनिस्टिरीयल कर्मचारी संघ का चुनाव
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सात-नौ जून को हुए चुनाव को मतदाताओं से अधिक वोट पड़ने पर कर दिया गया था निरस्त
19-20 जून को मतदान का हुआ निर्णय, लेकिन अब तक नहीं हो सका
प्रत्याशियों ने निवर्तमान अध्यक्ष, मंत्री पर लगाए गंभीर आरोप, उच्चाधिकारियों को लिखा पत्र

अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
शिक्षा निदेशालय मिनिस्टिीरियल कर्मचारी संघ का चुनाव कराना अफसरों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। जून में हुए चुनाव में कुल मतदाताओं से अधिक मत पढ़ने के कारण उसे स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद से ही दोबारा चुनाव कराने की मांग की जा रही है। अब अपर मुख्य सचिव माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा तथा अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा को पत्र लिखकर तत्काल चुनाव कराने की मांग की है। पत्र में निवर्तमान अध्यक्ष एवं मंत्री पर गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। इस मामले में मंडलायुक्त आशीष गोयल से भी शिकायत की गई है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने अफसरों को इस मामले में उचित कार्रवाई का निर्देश भी दिया है।
कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के चयन के लिए मतदान सात जून इलाहाबाद एवं आठ जून को लखनऊ में हुआ। इसके बाद नौ जून को मतगणना हुई। इसमें कुल 575 मत पड़ने थे लेकिन गिनती के दौरान 582 मत निकले। सात मत अधिक मिलने पर मामला गरमा गया। इसमें निवर्तमान पदाधिकारियों और चुनाव अधिकारी धांधली कराने का आरोप लगाया गया। इसके बाद प्रत्याशियों की मांग पर मतगणना निरस्त कर दी गई और 19 एवं 20 जून को दोबारा मतदान एवं 21 जून को मतगणना का निर्णय लिया गया लेकिन चुनाव अब तक नहीं हुआ।
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माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव को लिखे पत्र में चुनाव में गड़बड़ी की शिकायत करने वाले अध्यक्ष पद के प्रत्याशी घनश्याम यादव समेत अन्य प्रत्याशियों ने कहा है कि दोबारा मतदान में बाधा उत्पन्न की जा रही है। कर्मचारियों को डराया, धमकाया जा रहा है और अवैध रूप से संघ के पैड का दुरुपयोग किया जा रहा है। इससे कर्मचारियों में रोेष है। प्रत्याशियों ने मंडलायुक्त से भी अपने पर्यवेक्षण में दोबारा मतदान कराने की मांग की गई है।
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