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आधार कार्ड के लिए घर-घर चक्कर लगा रहे शिक्षक

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आधार कार्ड के लिए घर-घर चक्कर लगा रहे शिक्षक
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0 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों के 30 जून तक बनने हैं आधार
0 अभी तक बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का नहीं हुआ नामांकन, ग्रीष्मावकाश की दिक्कत
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। प्रदेश सरकार ने प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों का आधार नामांकन अनिवार्य किया है। इन विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों का आधार बनवाने की जिम्मेदारी शिक्षकों पर है। इन दिनों विद्यालय बंद हैं। आधार बनवाने की समय सीमा 30 जून निर्धारित है और अभी तक बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का आधार नामांकन नहीं हो सका है। ऐसे में अब शिक्षकों को इसके लिए बच्चों के घरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
प्रदेश में 1.05 प्राथमिक एवं 45 हजार उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तकरीबन 1.85 करोड़ छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। अकेले इलाहाबाद के ग्रामीण एवं शहरी विद्यालयों में तकरीबन चार लाख विद्यार्थी हैं। सरकार ने इनके लिए आधार कार्ड अनिवार्य किया है। इस संबंध में आदेश जारी होने के बाद से ही काम की रफ्तार काफी धीमी होने पर बेसिक शिक्षा निदेशक डॉ सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह नाराजगी जताई थी और 24 मई को आदेश जारी कर यह काम हर हाल में 30 जून तक पूरा करने का फरमान जारी किया था। निदेशक ने इसके लिए एडी बेसिक, बीएसए की जिम्मेदारी भी तय की लेकिन विद्यालयों में ग्रीष्मवकाश होने के कारण यह काम रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है।
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हालांकि शिक्षकों को बच्चों को घरों से लाकर आधार नामांकन के लिए कहा गया है। शिक्षक बच्चों के घरों के चक्कर भी लगा रहे हैं लेकिन इसका भी फायदा नहीं हो रहा। बीएसए इलाहाबाद संजय कुशवाहा का कहना है कि विद्यालय बंद होने के कारण समस्या ज्यादा आ रही है। कुछ विद्यालयों में काम तेजी से कराने के लिए जनरेटर भी लगवाए गए ताकि कंप्यूटर, स्कैनर के जरिए बच्चों के आधार नामांकन में समस्या न आए। इसके बावजूद बच्चे आधार नामांकन के लिए विद्यालय नहीं पहुंच रहे। हालांकि बीएसए ने समय सीमा तक आधार नामांकन का काम पूरा कराने का दावा किया।
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