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सचिव ने दिया शासन का संदेश, कर्मचारी काम पर लौटै

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सचिव ने दिया शासन का संदेश, कर्मचारी काम पर लौटे
0 यूपीपीएससी अधिकारी/कर्मचारी संघ का आंदोलन स्थगित
0 कर्मचारियों ने लोकहित, पीसीएस-जे के लिए शुरू किया काम
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। मुख्य सचिव से मिलकर लौटे उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के सचिव जगदीश ने सोमवार को आयोगकर्मियों से वार्ता के दौरान शासन का संदेश उन तक पहुंचा दिया। इसके बाद कर्मचारी/अधिकारी संघ ने 10 दिनों से जारी अपना आंदोलन स्थगित कर दिया। साथ ही सोमवार से कार्य बहिष्कार पर जाने का निर्णय भी वापस ले लिया और सभी कर्मचारी काम पर लौट गए।
हालांकि, कर्मचारी जिन तीन मांगों को लेकर आंदोलनरत थे, वे मांगें पूरी नहीं हुईं। आयोग के अधिकारी/कर्मचारी संघ की मांग थी कि एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती पेपर लीक प्रकरण की जांच न्यायालय के सिटिंग जज एवं सीबीआई से कराई जाए और आयोग के प्रत्येक कर्मचारी की संपत्ति की जांच कराई जाए। वार्ता के बाद संघ के अध्यक्ष दिनेश कुमार ने बताया कि सचिव ने उनकी मांगों पर उचित विचार करने का आश्वासन दिया है और कहा कि उनकी मांगों को लेकर कार्रवाई चल रही है।
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साथ ही सचिव ने शासन का संदेश देते हुए कहा कि उन्होंने मुख्य सचिव के समक्ष आयोग का पूरा पक्ष रखा है और कर्मचारियों की मांगों से भी उन्हें अवगत करा दिया गया है। मुख्य सचिव ने मामले में समुचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। संघ के अध्यक्ष ने बताया कि सचिव से आश्वासन मिलने और लोकहित एवं पीसीएस-जे मुख्य परीक्षा के परिणाम के मद्देनजर संघ ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया है और कर्मचारी काम पर पूरी तरह से वापस आ गए हैं।

एसटीएफ के खिलाफ एफआईआर की मांग
कर्मचारियों ने सचिव को दिए ज्ञापन में मांग की है कि प्रकरण आयोग के पक्ष में निस्तारित होने के बाद एसटीएफ के विरुद्ध बिना किसी अधिकार के पीसीएस-2018 की मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्र की गोपनीयता सार्वजनिक कर आयोग की शुचिता भंग किए जाने के मामले में एसटीएफ के खिलाफ एफआईआर और मानहानि का दावा किया जाए।

आरओ/एआरओ के रिक्त पदों का उठा मुद्दा
सचिव से वार्ता के दौरान आयोग में आरओ/एआरओ के रिक्त पदों का मुद्दा भी उठा। संघ के अध्यक्ष दिनेश कुमार ने कहा कि आयोग में कर्मचारियों के 300 पद सृजित हैं और कर्मचारियों की संख्या महज 125 है। इसके अलावा एआरओ के 127 में से 100 पद खाली हैं। वहीं, आरओ के 152 में से 60 पर रिक्त पड़े हैं। कर्मचारियों पर परीक्षा के आयोजन से लेकर रिजल्ट जारी करने तक का अतिरिक्त बोझ है। मांग की गई कि आरओ/एआरओ-2016 और 2017 का परिणाम जल्द घोषित करते हुए रिक्त पदों को भरा जाए।

बिना सुबूत गिरफ्तारी हुई तो होगा कार्य बहिष्कार
कर्मचारियों ने आयोग के सचिव से कहा है कि वे मामले में न्याय होने तक सांकेतिक रूप से संघर्ष जारी रखेंगे। इस दौरान अगर एसटीएफ की ओर से बिना किसी पर्याप्त सुबूत के किसी कर्मचारी को गिरफ्तार किया जाता है तो सभी कर्मचारी पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार पर चले जाएंगे।
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कर्मचारियों पर उंगली उठाने वालों के विरुद्ध हो कार्रवाई
कर्मचारियों का कहना है कि कुछ तथाकथित प्रतियोगी छात्र नेता और अराजकतत्व सोशल मीडिया पर आयोग के कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे हैं। मांग की गई कि आयोग ऐसे अराजकतत्वों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए विधिक कार्रवाई करे।
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