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शिक्षाशास् त्र की उतरकुंजी में सही सवाल भी हटाए

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शिक्षा शास्त्र की उत्तर कुंजी में भी सही सवाल हटाए
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0 यूपीएचईएससी की असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा पर फिर विवाद
0 कुल 11 सवाल किए डिलीट, पांच सवालों के दो-दो विकल्प सही
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (यूपीएचईएससी) की असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को लेकर लगातार विवाद सामने आ रहे हैं। पहले समाजशास्त्र और अब शिक्षाशास्त्र की उत्तरकुंजी में भी आयोग ने सही सवालों को डिलीट कर दिया। यहां तक कि अनंतिम उत्तरकुंजी में जिस सवाल का जवाब सही था, संशोधित उत्तरकुंजी में उसकी जगह गलत विकल्प को सही जवाब मान लिया गया।
आयोग ने अंतिम उत्तर कुंजी जारी करने साथ यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अब कोई आपत्ति नहीं ली जाएगी। ऐसे में अभ्यर्थी अब न्यायालय की शरण में जाने की तैयारी कर रहे हैं। अभ्यर्थियों ने विशेषज्ञों की योग्यता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि आयोग की इस लापरवाही के कारण कई योग्य अभ्यर्थी मेरिट से बाहर हो सकते हैं। शिक्षा शास्त्र की अंतिम उत्तर कुंजी में विषय के सात सवालों और सामान्य अध्ययन के चार सवालों को डिलीट किया गया है जबकि पांच सवालों के दो-दो विकल्पों को सही माना गया है और एक सवाल का जवाब बदला गया है।
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बुकलेट-डी का 11वां सवाल था कि नवंबर 2015 में पणजी में आयोजित भारत के 46वें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह में किस फिल्म ने गोल्डन पीकॉक पुरस्कार जीता। आयोग ने पहले ‘एंब्रेस ऑफ द सर्पेट’ को सही जवाब माना था लेकिन अंतिम उत्तर कुंजी में इस सवाल का डिलीट कर दिया। अभ्यर्थियों ने साक्ष्य सहित दावा किया है कि ‘एंब्रेस ऑफ द सर्पेट’ सही जवाब था लेकिन, आयोग ने इसे डिलीट कर दिया। इसी तरह बुकलेट-डी की प्रश्न संख्या 41 में आयोग ने पहली बार जारी उत्तर कुंजी में विकल्प ‘सी’ को सही माना था, जो बिल्कुल ठीक था। संशोधित उत्तरकुंजी में इसे बदलकर विकल्प ‘बी’ कर दिया गया।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि आयोग ऐसा जानबूझकर कर रहा है और यह समझ से परे है। इससे योग्य अभ्यर्थियों को काफी नुकसान हो रहा है। इसी तरह सवाल था कि न्याय शास्त्रात्मक परिप्रश्न प्रारूप शिक्षण प्रारूपों के किस परिवार के तहत आता है? आयोग ने पहले विकल्प-ए यानी ‘सामाजिक परिवार’ को सही माना था कि लेकिन, अंतिम उत्तर कुंजी में इसे डिलीट कर दिया। अभ्यर्थियों का दावा है कि सही जवाब होने के बावजूद आयोग ने प्रश्न को डिलीट किया। इसी तरह प्रश्न संख्या 77 व 87 का आयोग ने पहले जो विकल्प घोषित किया था, वह सही था लेकिन संशोधन के बाद उत्तरकुंजी से ये दोनों सवाल डिलीट कर दिए गए।
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बड़ी संख्या में फेरबदल से कटघरे में आयोग
- शिक्षा शास्त्र में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा की उत्तर कुंजी में 17 सवालों में फेरबदल किया गया। इनमें से 11 सवाल सीधे डिलीट कर दिए गए जबकि पांच सवालों के दो-दो विकल्पों का आयोग ने सही माना है और एक सवाल का विकल्प बदल दिया। इतनी बड़ी संख्या में बदलाव से सवाल उठ रहे हैं कि आयोग आखिर किन विशेषज्ञों से पेपर तैयार करा रहा है। आयोग की कार्यप्रणाली भी कटघरे में है। सुधार तो दूर, गड़बड़ियां लगातार बढ़ती जा रही हैं।
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