वाराणसी (मऊ) के ध्यानार्थ
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देह व्यापार के आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इंकार
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मऊ में देह व्यापार गैंग के आरोपियों मो. आलम, मो. इब्राहिम और मो. असलम की गिरफ्तारी पर रोक लगाने और प्राथमिकी पर हस्तक्षेप से इंकार कर दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज मिश्र तथा न्यायमूर्ति एसके गुप्ता की खंडपीठ ने दिया है। कोर्ट ने कहा है कि याचीगण अधीनस्थ न्यायालय में जमानत अर्जी दे सकते है। शिकायतकर्ता बड़ा गांव घोषी के फैजान अशरफ के अधिवक्ता परवेज इकबाल अंसारी ने विरोध किया। याचिका में मऊ के घोषी थाने में आठ मार्च 19 को दर्ज प्राथमिकी की वैधता को चुनौती दी गई थी। याचीगण पर लड़कियों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर सऊदी अरब के देशों में भेजने और देह व्यापार के लिए मजबूर करने का आरोप है। इन्होंने विदेश भेज कर वापसी में तीन लाख से अधिक की धन की वसूली भी की। पीड़ित लड़कियों ने वापस आकर कोर्ट के जरिए प्राथमिकी दर्ज कराई है। कोर्ट ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए याचिका खारिज कर दी।