वाराणसी के ध्यानार्थ
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झूठी शिकायत करने वाले वकील पर 50 हजार हर्जाना
0 जांच में शिक्षक पर गलत पाए गए आरोप, कोर्ट ने कहा वकील ने किया अपनी ताकत का दुरुपयोग
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। शिक्षक की झूठी शिकायत करना वाराणसी के अधिवक्ता को मंहगा पड़ गया। हाईकोर्ट ने अपने वकील होने की स्थिति का दुरुपयोग करने पर 50 हजार रुपये हर्जाना लगाया है, साथ ही अधिवक्ता को चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसा कार्य न करें। वकील ने अमर शहीद इंटर कॉलेज वाराणसी में प्रवक्ता सुनील कुमार सिंह पर फर्जी प्रमाण पत्रों पर नौकरी पाने का आरोप लगाया था।
इस शिकायत की जांच जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा की गई, जिसमेें आरोप निराधार और शिकायत फर्जी पाई गई। जांच रिपोर्ट को कोई चुनौती दिए बिना वकील ने 2015 में शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी। पुलिस ने विवेचना के बाद शिक्षक के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की दी और न्यायिक मजिस्ट्रेट ने भी मामले पर विचार किए बिना याची को समन जारी कर दिया। समन आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। न्यायमूर्ति एसके सिंह ने याचिक पर सुनवाई करते हुए समन आदेश और मुकदमे की कार्यवाही रद्द कर दी।
कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह काफी दुखद है कि कुछ लोग अपने वकील होने की शक्ति का दुरुपयोग दूसरों को परेशान करने में कर रहे हैं। यदि ऐसा जारी रहा तो पीड़ितों से अन्याय होगा। अदालत का दायित्व है कि न्याय प्रक्रिया में लोगों का भरोसा बनाए रखे। आरोपी अधिवक्ता ने भविष्य में ऐसी गलती नहीं करने का आश्वासन दिया, जिस पर कोर्ट ने उनके खिलाफ कोई आपराधिक कार्यवाही नहीं की।
न्यायिक मजिस्ट्रेट की कार्यप्रणाली पर भी अदालत ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस चार्जशीट पर बिना यह देखे कि अपराध बन रहा है या नहीं, समन जारी कर दिया गया। मजिस्ट्रेट ने अपने न्यायिक विवेक का इस्तेमाल नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि 50 हजार रुपये के हर्जाने में से 25 हजार रुपये याची को दिए जाएं और 25 हजार रुपये हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति में जमा किए जाए। भुगतान नहीं करने पर याची वकील के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकता है।