बीच कार्यक्रम से सामाजिक कार्यकर्ता को खींच ले गई पुलिस, बाद में छोड़ा
अन्नपूर्णा मार्ग पर सिरजन कार्यक्रम का कर रहे थे संचालन
पुलिस ने कहा- मेला प्रशासन ने की शिकायत पर हुई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
कुंभ नगर। अन्नपूर्णा मार्ग पर गुरुवार की शाम सांस्कृतिक कायक्रम सिरजन का संचालन कर रहे साहित्यकार अंशू मालवीय को पुलिस गाड़ी में खींच ले गई। बीच कार्यक्रम से उठाए जाने पर उनके अपहरण की अफवाह उड़ गई। सोशल मीडिया पर प्रयागराज से लेकर दिल्ली तक हड़कंप मच गया। दबाव बढ़ता देख कुछ घंटों बाद पुलिस ने स्वीकर किया कि उसने ही अंशू मालवीय को उठाया है। मेला प्रशासन ने एसएसपी प्रयागराज से अंशू की गतिविधियों के बारे में शिकायत की थी।
साहित्यकार यश मालवीय और उनके भाई अंशू मालवीय मेंहदौरी कालोनी में रहते हैं। अंशू गुरुवार को कुंभ मेला में अन्नपूर्णा मार्ग पर स्थित एक शिविर में सिरजन कार्यक्रम का संचालन कर रहे थे। उसी समय काली गाड़ी से कुछ लोग आए और अंशू को उठा ले गए। इसके बाद वहां मौजूद लोगों में अपहरण का शोर मच गया। लोग सोशल मीडिया पर साहित्यकार के अपहरण की पोस्ट डालने लगे। ममता कालिया से लेकर तमाम साहित्यकारों ने उनके घर फोन किया। बाद में पता चला कि उन्हेें क्राइमब्रांच ले गई है। झूंसी थाने में उनसे पूछताछ की जा रही है। मामले में एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि मेला पुलिस ने पत्र लिखकर शिकायत की थी कि अंशू मेले का माहौल खराब कर रहे हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने सफाईकर्मियों को भड़काया था जिसके बाद सफाईकर्मी हड़ताल पर अमादा हो गए थे। पुलिस ने उनकेसाथ सफाईकर्मियों के नेता दिनेश कुमार को भी उठाया है। झूंसी थाने में देर रात अंशू की पत्नी उत्पला, भाई यश समेत तमाम साहित्यकार मौजूद थे। उनका कहना था कि पुलिस ने एक साहित्यकार को गिरफ्तार कर फासीवादी चेहरा दिखाया है। उधर देर रात अंशू व दिनेश को छोड़ दिया गया।