इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह
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उपाधि पाने वालों में आधे से अधिक छात्राएं
0 राज्यपाल राम नाईक ने अटल और मोदी की नीतियों को बताया कारगर
0 आंकड़ों के आधार पर कहा, प्रदेश में मजबूत हुई है महिलाओं की स्थिति
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। प्रदेश में पिछले साल जितने विद्यार्थियों को डिग्री मिली, उनमें 51 फीसदी छात्राएं थीं और इस बार डिग्री पाने वाले विद्यार्थियों में 56 फीसदी छात्राएं हैं। प्रदेश में इस इस साल 28 में से 26 राज्य विश्वविद्यालयों में दीक्षांत समारोह कराए गए। इस दौरान 12 लाख 58 हजार विद्यार्थियों को उपाधियां बांटी गईं हैं, जिनमें सात लाख दो हजार छात्राएं हैं। शनिवार को इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल राम नाईक ने इन आंकड़ों के आधार पर दावा किया कि प्रदेश में महिलाओं की स्थिति लगातार मजबूत हो रही है।
राम नाईक ने कहा कि जब वह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार में पेट्रोलियम मंत्री थे, तब अटलजी ने सर्व शिक्षा अभियान लागू किया था। यह बात वर्ष 2000 की है और 18 साल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान शीर्ष पर है। 18 साल पहले महिला सशक्तिकरण के लिए जो कवायद शुरू हुई, वह अब मूर्त रूप ले रही है। उन्होंने इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय समेत कुछ अन्य विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह से जुड़े आंकड़े भी प्रस्तुत किए। बताया कि इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय में उपाधि पाने वालों में 63.28 फीसदी छात्राएं हैं। वहीं, छात्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में जितने विद्यार्थियों को उपाधियां मिलीं, उनमें 81 फीसदी छात्राएं हैं। दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर में 82 फीसदी और भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा में 85 फीसदी छात्राओं को उपाधियां मिलीं। यह आंकड़े साफ बयां कर रहे हैं कि उच्च शिक्षा संस्थान महिला सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
आदित्य शेखर को मिला कुलाधिपति पदक
0 92 छात्र-छात्राओं को दिए गए स्वर्ण, रजक एवं कांस्य पदक
0 अगले साल से सभी जगह सितंबर-अक्तूबर में होगा समारोह
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में कुलभास्कर आश्रम पीजी कॉलेज में एमएससी (हॉर्टीकल्चर) एग्रीकल्चर के छात्र आदित्य शेखर को कुलाधिपति पदक से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही कुल 92 छात्र-छात्राओं को पदक दिए गए। सरस्वती हाईटेक सिटी नैनी स्थित विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन परिसर में आयोजित समारोह की शुरुआत में मुख्य अतिथि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी, यूपी के राज्यपाल राम नाईक, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा एवं कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद ने की।
इस मौके पर उच्च शिक्षा मंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि अगले साल से सभी राज्य विश्वविद्यालयों एवं निजी विश्वविद्यालयों में दीक्षांत समारोह सितंबर-अक्तूबर में करा लिया जाएगा। समारोह में शामिल अतिथियों ने विश्वविद्यालय की नवोन्मेष स्मारिका का विमोचन किया। कुलपति ने कहा कि सरस्वती हाईटेक सिटी स्थित महाविद्यालय परिसर के पहले चरण का निर्माण मार्च-2019 तक पूरा हो जाएगा और नए सत्र से कक्षाओं एवं विश्वविद्यालय से जुड़ी अन्य गतिविधियों का संचालन इसी परिसर में होगा। कुलपति ने पदक पाने वाले सभी छात्र-छात्राओं को शपथ भी दिलाई। राज्यपाल राम नाईक ने सभी छात्र-छात्राओं को पदक बांटे। इनमें 28 विद्यार्थियों को स्वर्ण, 32 विद्यार्थियों को रजत और 31 विद्यार्थियों को कांस्य पद मिले। स्वर्ण पदक पाने वालों में 57.14 फीसदी, रजत पदक पाने वालों में 50 फीसदी और कांस्य पदक पाने वालों में 64.51 फीसदी छात्राएं शामिल रहीं। समारोह का संचालन परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनीता यादव एवं डिप्टी रजिस्ट्रार दीप्ति मिश्रा ने किया।
जौनपुर के लिए खास
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किसानों को जीवन समर्पित करना चाहते हैं आदित्य
प्रयागराज। एमएससी (हॉर्टीकल्चर) एग्रीकल्चर में सर्वाधिक 80.25 फीसदी अंक पाकर कुलाधिपति पदक पाने वाले कुलभास्कर आश्रम पीजी कॉलेज के छात्र आदित्य शेखर का सपना असिस्टेंट प्रोफेसर बनना है। वह अपना जीवन किसानों को समर्पित करना चाहते हैं। आदित्य के पिता दया शंकर जौनपुर के एक पोस्ट ऑफिस में क्लर्क हैं और मां जयश्री गृहणी हैं। आदित्य तीन भाई और तीन बहनों से सबसे छोटे हैं। दफ्तर से छुट्टी न मिलने के कारण आदित्य के पिता समारोह में शामिल नहीं हो सके, लेकिन आदित्य के चाचा उमाशंकर और चाची नीरज शंकर परिवार की ओर से इस गौरवमयी पल के साक्षी बने। मूलत: जौनपुर के रहने वाले आदित्य ने दसवीं की पढ़ाई श्री मैपाल इंटर कॉलेज जौनपुर और बारहवीं की पढ़ाई हरपाल सिंह इंटर कॉलेज से पूरी की। आदित्य ने बताया कि जब वह इलाहाबाद में पढ़ने आए तो यह प्रतियोगी छात्रों की भीड़ देखकर समझ में नहीं आया कि भविष्य में क्या करेंगे, लेकिन फिर लक्ष्य सामने नजर आने लगा और उन्होंने तय किया कि गांव में रहकर किसानों की बेहतरी के लिए कुछ करेंगे। इन परिस्थितियों में उन्होंने सीखा कि संघर्ष हमें गलत रास्ते पर जाने से रोकता है। वह अपना जीवन किसानों को समर्पित करना चाहते हैं। आदित्य का कहना है कि वह कृषि विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर बनना चाहते हैं और किसानों के बीच रहकर उनके लिए कुछ करना चाहते हैं। आदित्य ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि कुलाधिपति पदक मिलेगा।
स्तरहीन शिक्षण संस्थानों पर नियंत्रण जरूरी: राज्यपाल केशरीनाथ
प्रयागराज। उच्च शिक्षा का विस्तार जरूरी है, लेकिन इसके व्यवसायीकरण को रोकना होगा। साथ ही इसकी आड़ में स्तरहीन शिक्षण संस्थानों को भी खुलने से रोकना होगा। यह बात पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने शनिवार को आयोजित इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में कही। उन्होंने कहा कि उद्देश्यहीन शिक्षा निरर्थक होती है। कई परिवर्तनों के बाद भी हम मैकाले की शिक्षण पद्धति से पूरी तरह से मुक्त नहीं हो सके हैं। कहा कि दीक्षांत समारोह केवल औपचारिकता नहीं, एक प्रकार का उत्सव है। यह न केवल छात्रों, बल्कि शिक्षकों और अभिभावकों के लिए भी अलग महत्व रखता है। उन्होंने पदक और उपाधियों पाने वाले विद्यार्थियों से कहा कि उपाधि प्राप्त करना ही शिक्षा की पूर्णता नहीं है। ज्ञान किसी भी स्थान पर किसी भी माध्यम से मिले, उसे प्राप्त करने में संकोच नहीं करना चाहिए। उन्होंने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर चिंता व्यक्ति करते हुए कहा कि संख्या के लिहाज से भारत भले ही विश्व में तीसरे स्थान पर है, लेकिन गुणवत्ता के मामले में हम कोई स्थान नहीं बना पाए हैं। उन्होंने गुणवत्ता परक शोध पर जोर दिया।
तीन लाख कम हुई उपाधि पाने वालों की संख्या: डिप्टी सीएम
प्रयागराज। पिछले साल 15 लाख 60 उपाधियां दी गईं, लेकिन इस बार 12 लाख 58 हजार छात्र-छात्राओं को उपाधियां मिलीं। एक साल में उपाधि पाने वालों की संख्या तीन लाख दो हजार घट गई है, जबकि प्रवेश लेने वालों की संख्या बढ़ी है। समारोह में बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल हुए डिप्टी सीएम एवं उच्चशिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने इन आंकड़ों के हवाले से कहा कि नकलविहीन परीक्षा और गुणवत्ता परक शिक्षा ही सरकार का उद्देश्य है। इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों का असर अब दिखने लगा है। बताया कि जैन, बौद्ध के साथ विदेशी भाषाओं नेपाली, फ्रेंच, रशियन आदि की पढ़ाई के लिए भी प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने काम शुरू कर दिया है। साथ ही शोधपरक शिक्षा के लिए सभी विश्वविद्यालयों में दीन दयाल उपाध्याय शोध पीठ की स्थापना भी की गई है। उच्च शिक्षा का व्यवसायीकरण न हो, कैंपस प्लेसमेंट हो और विश्वविद्यालय में पढ़ते हुए छात्र-छात्राओं को नौकरी मिल सके, इस दिशा में भी काम शुरू कर दिया गया है।
प्रशासनिक और परीक्षा भवन का शिलान्यास
0 दीक्षांत समारोह शुरू होने से पहले सरस्वती हाईटेक सिटी नैनी स्थित राज्य विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन परिसर में राज्यपाल रामनाईक ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक एवं परीक्षा भवन का शिलान्यास किया। इस मौके पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी और उच्चशिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा भी मौजूद थे। 112.62 एकड़ क्षेत्र में निर्माणाधीन राज्य विश्वविद्यालय के नए परिसर के चारों ओर बाउंड्रीवाल भी बनाई जा चुकी है। मुख्य गेट हावर्ड विश्वविद्यालय जैसा है, जिसका निर्माण पूरा हो चुका है। तीन मंजिला परीक्षा भवन का ज्यादातर हिस्सा बनकर तैयार हो चुका है और छह मंजिला प्रशासनिक भवन का निर्माण एक मंजिल तक हो चुका है। इन्हीं दोनों भवनों का शिलान्यास किया गया।