प्रशासन ने आचार्यबाड़ा
को मेले में बांटी जमीन
0 तकरीबन अस्सी बीघा जमीन का 207 सदस्यों के बीच आवंटन
इलाहाबाद। वर्चस्व को लेकर आचार्यबाड़ा में छिड़ी जंग के बीच अदालत के निर्देश के मुताबिक वृहस्पतिवार को प्रशासन ने आचार्यों को माघ मेले के लिए भूमि का आवंटन कर दिया। इस बीच आचार्यबाड़ा के दोनों ही धड़ों के हस्तक्षेप को दरकिनार करते हुए प्रशासन ने पहले पुराने 124 आचार्यों और फिर बीते वर्ष डीएम के निर्देश पर शामिल किए गए 83 नए आवंटियों को भी उनके अभिलेख के मुताबिक जमीन दे दी।
इस तरह पुराने और नए मिलाकर कुल 207 आचार्यों को तकरीबन अस्सी बीघा जमीन दी गई। इसके तहत आचार्यों को सेक्टर चार और पांच में रेलवे पुल से लेकर जीटी रोड के उत्तर तक में जमीन मिली। इससे पहले आचार्यबाड़ा को तकरीबन पचास बीघा जमीन दी जाती थी। जमीन आवंटन के क्रम में शुक्रवार को संगम लोअर मार्ग पर संस्थाओं को जमीन दी जाएगी।
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जमीन पर बने पांटून
पुल से कम हुई जगह
इलाहाबाद। वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित राजेंद्र पालीवाल का कहना है कि पुरानी जीटी रोड का पांटून पुल गंगा की धारा केअतिरिक्त जमीन पर ज्यादा निर्मित है। इसके कारण पुल की लंबाई बढ़ गई है, इससे जहां एक ओर व्यय बढ़ गया है, वहीं दूसरी ओर सैकड़ों बीघा भूमि तीर्थयात्रियों के उपयोग के लिए नहीं रह गई है। त्रिवेणी रोड और काली सड़क के पांटून पुलों का भी ऐसा ही हाल है। समय रहते यह गलती सुधारी जाए तो मेला प्रशासन और तीर्थयात्री दोनों को इसका लाभ मिल सकेगा। सुभाष पांडेय की अध्यक्षता में हुई प्रयाग धर्मसंघ की बैठक में रामबाबू शर्मा, संतोष भारद्वाज, राजेश तिवारी, गोपाल मिश्र, अनुज तिवारी आदि शामिल थे। 00
जोशीमठ से फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने की मांग
इलाहाबाद। स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने जोशी मठ के करीब से जाने वाले रास्ते को फोरलेन करने की मांग की है। कहा, यह मार्ग बहुत पुराना है और जोशीमठ से जुड़ा है। इस आशय का पत्र पीएम, उत्तराखंड के सीएम, राष्ट्रीय परिवहन मंत्री, गृहमंत्री, डीएम चमोली को लिखा गया है।